ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
उत्तराखंड को बीसीसीआई मान्यता के मुद्दे पर 18 जून को दिल्ली में सुनवाई होगी। इसके लिए विनोद राय की अध्यक्षता में गठित क्रिकेट प्रशासक समिति ने प्रदेश की चारों क्रिकेट एसोसिएशन के पदाधिकारियों को दिल्ली बुलाया है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित क्रिकेट प्रशासक समिति की ओर से राज्यों को बीसीसीआई की मान्यता दिए जाने की प्रक्रिया जारी है। इसी क्रम में समिति ने पहली बार उत्तराखंड के चारों क्रिकेट संघों के पदाधिकारियों को बुलावा भेजा है। इससे पहले समिति ने उनसे सभी तरह के दस्तावेज तलब किए थे। शुक्रवार को समिति की ओर से आधिकारिक मेल जारी कर सभी संघों के पदाधिकारियों को 18 जून को सुबह 10 बजे दिल्ली पहुंचने को कहा गया है। प्रदेश के चारों खेल संघों को भेजे गए ई-मेल में प्रत्येक संघ से चार-चार प्रतिनिधियों को उपस्थित रहने को कहा गया है। बैठक में सभी खेल संघों से ढांचागत सुविधाओं, अलग-अलग स्तरों पर गठित सुविधाओं और क्रिकेट आयोजनों के विषय में चर्चा होने की संभावना है।
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तीन संघ हो चुके हैं एक
क्रिकेट प्रशासक समिति ने जिन चार खेल संघों के पदाधिकारियों को बुलाया है, उनमें से तीन पहले ही एक हो चुके हैं। क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड को यूनाइटेड क्रिकेट एसोसिएशन और उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन अपना समर्थन देने का एलान कर चुकी है। क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के प्रभारी सचिव महिम वर्मा ने बताया कि दोनों खेल संघ समर्थन के दस्तावेज समिति को भी सौंप चुके हैं। प्रशासक समिति की ओर ई-मेल मिला है और हम दिल्ली जाकर अपना पक्ष रखेंगे। जबकि, उत्तरांचल क्रिकेट एसोसिएशन अलग होकर अपनी मान्यता की लड़ाई लड़ रही है।
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समिति ही लेगी अंतिम फैसला
बीसीसीआई की मान्यता के मामले में सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद मान्यता पर क्रिकेट प्रशासक समिति को ही अंतिम फैसला लेना है। समिति पिछली रिपोर्ट्स और दस्तावेजों को पहले ही मंगवा चुकी है। अब खेल संघ पदाधिकारियों से वार्ता के बाद विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होनी है। इसके बाद ही मान्यता की प्रक्रिया आगे बढ़ने की संभावना है।