पैथोलॉजी लैब ने दी कैंसर की गलत रिपोर्ट, 10 लाख का जुर्माना
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
गलत जांच रिपोर्ट देने वाली डॉ. आहूजा पैथोलॉजी लैब पर राज्य उपभोक्ता फोरम ने दस लाख रुपये जुर्माना लगाया है। साथ ही इस धनराशि पर 12 वर्ष का सालाना सात प्रतिशत ब्याज देने का आदेश दिया है। पीड़ित महिला ने गलत रिपोर्ट के आधार पर सर्जरी करा ली। जब बायोप्सी (कैंसर की जांच) रिपोर्ट आई तो पता चला कि कैंसर तो था ही नहीं। उपभोक्ता फोरम में 12 साल की लड़ाई के बाद फैसला पीड़िता के पक्ष में आया। अब पैथोलॉजी लैब को ब्याज सहित करीब 20 लाख रुपये जुर्माना देना होगा।
पीड़िता करनपुर निवासी यशोदा गोयल के अधिवक्ता युद्धवीर हाण्डा ने आयोग को बताया कि यशोदा गोयल को सीने के पास दर्द था, जिसके उपचार के लिए वह डॉ. प्रदीप शारदा के पास गईं। वहां से उनको डॉ. आहूजा पैथोलॉजी एंड इमेजिंग सेंटर से जांच कराने के लिए कहा गया। पैथोलॉजी में की गई जांच के बाद उसकी रिपोर्ट में उनको स्तन कैंसर होना बताया गया। उसी रिपोर्ट के आधार पर काफ ी शारीरिक पीड़ा के बाद मरीज की कैंसर के लिए सर्जरी और उपचार किया गया। उपचार के दौरान डॉक्टर को सही स्थिति नहीं लगी और संदेह हुआ तो उन्होंने मरीज की जांच कराई। बायोप्सी जांच रिपोर्ट आई तो सब हैरान रह गए। रिपोर्ट में साफ हो गया था कि यशोदा को तो कैंसर था ही नहीं।
इसके बाद मरीज ने दिल्ली की एक अन्य लैब से भी जांच कराई, जिसकी रिपोर्ट के बाद यह पुष्टि हुई कि उसका गलत इलाज हुआ है और वह एक मेडिकल रिपोर्ट के कारण हुआ है। इस वजह से न सिर्फ मरीज को शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग खोना पड़ा बल्कि उसके दो वर्षों बाद तक उपचार लेना पड़ा। राज्य उपभोक्ता विवाद परितोष निवारण आयोग में वर्ष 2006 में मामले की शिकायत पर आयोग ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद फैसला दिया, जिसमें जांच रिपोर्ट देने वाली पैथोलॉजी लैब को लापरवाही बरतने के लिए और पीड़िता की लंबी शारीरिक एवं मानसिक पीड़ा को देखते हुए 10 लाख रुपये मुआवजा देने के आदेश दिए हैं। मुआवजे को सात प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ देना होगा। कुल मिलाकर पैथोलॉजी लैब को ब्याज सहित करीब 20 लाख रुपये का जुर्माना अदा करना होगा।