ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
देशभर में बैचलर इन होटल मैनेजमेंट एंड केटरिंग टेक्नोलॉजी (बीएचएमसीटी) और बीएससी इन होटल मैनेजमेंट (बीएचएम) कोर्स चार वर्ष की अवधि में कराया जा रहा है, लेकिन उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय में यह कोर्स महज तीन वर्ष में ही पढ़ाया जा रहा है। जबकि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) वर्ष 2014 में इस कोर्स की अवधि चार वर्ष करने का गजट नोटिफिकेशन जारी कर चुका है। छात्रों ने इस कोर्स को अवैध ठहराते हुए पूरी फीस वापस कराने की मांग की है। उधर, मामले की जानकारी मिलने के बाद कुलपति डा. यूएस रावत ने तत्काल कोर्स की अवधि नए सत्र से बदलने के निर्देश दिए हैं।
यूजीसी ने वर्ष 2014 में देशभर के विश्वविद्यालयों और कालेजों में संचालित होने वाले कोर्सेज की अवधि और प्रवेश अर्हता को लेकर गजट नोटिफिकेशन जारी किया था। इसमें बीएचएमसीटी और बीएचएम की अवधि भी तीन से बढ़ाकर चार वर्ष कर दी गई थी। बावजूद इसके तकनीकी विश्वविद्यालय ने आज तक इस कोर्स की अवधि नहीं बदली। यहां आज भी संबद्ध कालेजों में तीन वर्ष का ही बीएचएम कराया जा रहा है। कोर्स करने वाले छात्र खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि यह कोर्स देश में अवैध हो गया है। अब कोर्स करने के बाद नौकरी नहीं मिलेगी तो इसका जिम्मेदार कौन होगा। छात्रों ने मांग की है कि उनकी पूरी फीस वापस कराई जाए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि कुछ प्राइवेट कालेजों ने विवि में सांठगांठ करके कोर्स की अवधि नहीं बढ़ने दी है। अब कालेजों को तो इसका नुकसान शायद न हो लेकिन इन कालेजों से डिग्री लेने वाले छात्रों की डिग्री अगर यूजीसी नियम की वजह से अवैध हो गई तो भविष्य बर्बाद हो सकता है। चूंकि देशभर में यह कोर्स चार वर्ष का है, इसलिए तीन वर्ष में डिग्री लेने के लालच में छात्र इन कालेजों में आकर फंस रहे हैं। विवि के परीक्षा नियंत्रक कुंवर सिंह वैंसला का कहना है कि वर्तमान में विवि से पांच कालेज ऐसे संबद्ध हैं, जहां यह कोर्स चल रहा है।
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यूजीसी सभी विवि के लिए नियम लागू कर चुका है। श्रीदेव सुमन विवि सहित सभी विश्वविद्यालयों में चार वर्ष का कोर्स चलाया जा रहा है। तकनीकी विवि ही तीन वर्ष का चला रहा है जो कि जांच का विषय है। हमने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित कर दिया है कि तत्काल कोर्स की अवधि यूजीसी के नियमों के तहत चार वर्ष कर दी जाए। अगर कुछ गड़बड़ी हुई है तो उसकी जांच कराई जाएगी।
- डा. उदय सिंह रावत, कुलपति, उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय