ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
उत्तराखंड चिकित्सा सेवा संघ की प्रांतीय कार्यकारिणी की चंदरनगर प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित बैठक में चिकित्सकों ने कहा कि उन्हें तबादला एक्ट मंजूर नहीं है। कहा कि एक्ट को लागू किए जाने से स्वास्थ्य सेवाएं और लड़खड़ाएंगी। वहीं, सीएम की चिकित्सकों को लेकर की गई टिप्पणी पर भी नाराजगी जताई गई।
रविवार को चंदरनगर में आयोजित बैठक में संगठन के प्रांतीय उपाध्यक्ष डॉ. आनंद शुक्ला ने कहा कि प्रदेश में मात्र 15 फीसदी विशेषज्ञ चिकित्सक हैं। यदि चिकित्सकों पर तबादला एक्ट लागू किया गया तो विभाग में इसका बुरा प्रभाव पड़ेगा। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. डीपी जोशी ने कहा कि विभाग में 52 एवं इससे अधिक आयु के चिकित्सकों को तबादला एक्ट से बाहर रखा जाए। बैठक में चिकित्सकों ने कहा कि संगठन ने अपनी लंबित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री से दो से तीन बार मिलने का समय मांगा, लेकिन संगठन को समय नहीं, 15 दिन के भीतर समय लेकर उन्हें विभाग की स्थिति से अवगत कराया जाएगा। बैठक में स्वास्थ्य महानिदेशक के पद के लिए डीपीसी करने एवं स्वास्थ्य महानिदेशक को संयुक्त निदेशक स्तर के अधिकारी के तबादले का अधिकार देने की मांग की गई। बैठक में संगठन की ओर से मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर उनकी चिकित्सकों लेकर की गई टिप्पणी पर भी नाराजगी जताई गई। कहा गया कि समस्त चिकित्सकों के लिए इस तरह की टिप्पणी ठीक नहीं है। इससे चिकित्सकों का मनोबल गिरता है। बैठक में स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. अर्चना श्रीवास्तव, निदेशक डॉ. टीसी पंत, निदेशक डॉ. आरके पांडे, प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. डीपी जोशी, महासचिव दिनेश चौहान, डॉ. राजीव दीक्षित, डॉ. मेघना असवाल, डॉ. गरिमा पंत, डॉ. संजीव कुमार, डॉ. पंकज शर्मा, डॉ. चारु बहुगुणा आदि मौजूद रहे।