ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून।
10 साल की जद्दोजहद के बाद आखिर मंगलवार को शीशमबाड़ा सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट शुरू हो गया। इन दस सालों में प्लांट को लेकर काफी बवाल हुआ। प्लांट के विरोध में सैकड़ों धरना-प्रदर्शन हुए। शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान भगदड़ के दौरान एक व्यक्ति की जान भी चली गई थी।
शीशमबाड़ा सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट को लेकर बीते कई वर्षों से सियासत चल रही थी। नगर निगम में भाजपा और प्रदेश में कांग्रेस की सरकार होने के चलते इसका कार्य काफी सुस्त गति से हुआ। तमाम विरोध प्रदर्शन हुए। अक्तूबर 2016 में हुए लाठीचार्ज के दौरान सहसपुर निवासी इस्लाम की मौत हो गई थी। हालांकि चिकित्सकों ने मौत की वजह हार्ट अटैक बताया था। विधानसभा चुनाव के बाद प्रदेश में सत्ता परिवर्तन हुआ और भाजपा की सरकार बनी। इसके बाद सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के निर्माण कार्य में तेजी आई। बीते वर्ष एक दिसंबर से प्लांट का ट्रायल शुरू किया गया। वहीं, मंगलवार को मुख्यमंत्री ने इसका विधिवत शुभारंभ किया। रैमकी इनवायरो कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर मोहित द्विवेदी ने बताया कि प्लांट 36 करोड़ रुपये से बनकर तैयार हुआ है। जिसमें 21 करोड़ 97 लाख रुपये नगर निगम देगा। जबकि शेष धनराशि रैमकी इनवायरो कंपनी देगी। कहा कि प्लांट 8.23 हेक्टेयर जमीन पर बना है। जिसमें से 30 प्रतिशत एरिया कवर्ड है। 12000 स्क्वायर मीटर में पार्क बनाया जाएगा। जिसमें वॉटर फॉल और फाउंटेन भी होंगे। इसके अलावा सुरक्षा की दृष्टि से सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे। कंट्रोल रूम के जरिये पूरे प्लांट पर निगरानी रखी जाएगी।
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नहीं बुलाने पर पूर्व विधायक ने जताई नाराजगी
देहरादून। राजपुर रोड के पूर्व विधायक राजकुमार ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के उद्घाटन अवसर पर कांग्रेसियों को न बुलाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि प्लांट का भूमि पूजन कांग्रेस सरकार में हुआ था। लेकिन, कांग्रेस विधायकों व पार्षदों को नहीं बुलाया जाना गलत है।
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10 साल में कब क्या हुआ
5 मई 2008 : सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के लिए निगम बोर्ड का अनुमोदन।
16 मई 2008 : जेएनएनयूआरएम योजना के तहत शहरी विकास मंत्रालय भारत सरकार से प्लांट का अनुमोदन।
5 जून 2010 : प्लांट की निविदा आमंत्रण की तिथि जारी।
4 मार्च 2011 : कार्य आदेश की तिथि तथा अनुबंध की तिथि।
1 अगस्त 2011 : घर-घर कूड़ा प्रबंधन कार्य शुरू करने की तिथि।
26 मार्च 2012 : पर्यावरण स्वीकृति के लिए दूसरी संस्था का चयन।
2 मार्च 2014 : डीवीडब्ल्यूएम द्वारा कार्य बंद किया गया।
25 सितंबर 2014 : संशोधित आरएफपी शासन को भेजा गया।
27 जुलाई 2015 : संशोधित आरएफपी पर शासन की अनुमति।
31 अक्तूबर 2015: संशोधित आरएफपी पर पहली निविदा जारी।
15 जनवरी 2016 : संशोधित आरएफपी पर दूसरी निविदा जारी।
9 मार्च 2016 : संशोधित आरएफपी पर तीसरी निविदा जारी।
29 मार्च 2016 : संशोधित आरएफपी पर चौथी निविदा जारी।
7 जुलाई 2016 : सरकार ने सिंगल विड पर टेंडर को अनुमति दी, रैमकी इनवायरो को दिया गया टेंडर।
10 अगस्त 2016: कांग्रेसियों ने शुरू किया विरोध।
26 अगस्त 2016 : रैमकी कंपनी के साथ हुआ अनुबंध।
30 अगस्त 2016 : दबाव में तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने प्लांट के निर्माण पर लगाई रोक।
5 सितंबर 2016 : क्षेत्र के लोगों के साथ नगर निगम के अधिकारियों और जिलाधिकारी ने बैठक की।
19 सितंबर 2016 : मेयर विनोद चमोली ने दी आमरण अनशन की चेतावनी।
2 अक्तूबर 2016 : प्लांट के शिलान्यास की मुख्यमंत्री ने भरी हामी।
3 अक्तूबर 2016: सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का शिलान्यास।
1 दिसंबर 2017 : सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट में कूड़ा पड़ना शुरू।
24 जनवरी 2018 : मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्लांट का किया शुभारंभ।
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