केंद्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभाकर प्रभु ने शनिवार को बदरीनाथ धाम में चारधाम रेल प्रोजेक्ट के सर्वेक्षण का शिलान्यास किया। साथ ही केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह और रेल मंत्री ने जोशीमठ के कोटी में कृषि विज्ञान केंद्र का शिलान्यास भी किया।
रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि चारधाम रेल मार्ग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट है। इसके सर्वे कार्य के लिए 120 करोड़ रुपये मंजूर हो गए हैं और योजना के निर्माण पर 43 हजार 292 करोड़ रुपये खर्च आएगा। रेल मंत्री ने टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन के जल्द निर्माण का भी भरोसा दिलाया।
रेल मंत्री सुरेश प्रभु, केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और कृषि मंत्री सुबोध उनियाल हेलीकॉप्टर से सुबह पौने बारह बजे बदरीनाथ धाम पहुंचे।
उन्होंने सबसे पहले बदरीनाथ धाम में मत्था टेका और पच्चीस मिनट तक बदरीनाथ धाम में पूजा-अर्चना की। इसके बाद बदरीनाथ के बस स्टेंड पर आयोजित कार्यक्रम में चारधाम के रेल संपर्क हेतु फाइनल लोकेशन का सर्वेक्षण और कृषि विज्ञान केंद्र कोटी (जोशीमठ) का शिलान्यास किया गया।
टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन जल्द
यहां आयोजित समारोह में रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि समय के साथ ही चारधाम यात्रा को विकसित करने के लिए रेल लाइन बिछाने की योजना बनाई गई है।
रेल लाइन से चारों धामों में अधिक से अधिक तीर्थयात्री और पर्यटक पहुंचेंगे। इससे स्थानीय व्यवसाय भी मजबूत होगा। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन का कार्य शीघ्र शुरु किया जाएगा।
उन्होंने सीएम त्रिवेंद्र रावत को टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन के जल्द निर्माण का भरोसा दिलाया। कहा कि बदरीनाथ व केदारनाथ में रेलवे विभाग की ओर से यात्री आरक्षण केंद्र संचालित किए जाएंगे।
इसका संचालन जीएमवीएन व बीकेटीसी करेगी। केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन ने कहा कि जोशीमठ में कृषि विज्ञान केंद्र की स्थापना के पीछे पर्वतीय क्षेत्रों में कृषि की नई टेक्नोलॉजी का विस्तार करना है।
कृषि विज्ञान केंद्र से पहाड़ों का पलायन भी रुकेगा और स्थानीय लोगों को रोजगार भी मुहैया कराया जाएगा। सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से चार धामों रेल मार्ग से जोडने की योजना राज्य के विकास में मील का पत्थर साबित होगी। राज्य सरकार जनता के अपेक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास कर रही है।
केदारनाथ में हो सड़क निर्माण
केंद्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभाकर प्रभु ने केदारनाथ धाम पहुंचकर बाबा केदार के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। इस मौके पर उन्होंने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन के सोनप्रयाग व जोशीमठ तक विस्तार के बारे में भी जानकारी दी। इस मौके पर तीर्थ पुरोहितों व अन्य ने केदारनाथ को सड़क से जोडने की मांग भी केंद्रीय मंत्री से की।
शनिवार को प्रात: 9 हेलीकॉप्टर से एमआई-17 हेलीपैड पर उतरे। यहां पर जिलाधिकारी रंजना ने उनकी अगुवानी की। इसके बाद रेल मंत्री मंदिर में पहुंचे, जहां उन्होंने बाबा केदार की विशेष पूजा-अर्चना कर आशीष प्राप्त किया।
इसके उपरांत उन्होंने धाम में मौजूद प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों के साथ ही पुनर्निर्माण में जुटे निम के पदाधिकारियों व कर्मियों से केदारनाथ के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। कहा कि बाबा केदार सहित चारधाम की के यात्रा पांडवकालीन यात्रा है, जिसे और सुगम, सुरक्षित हो, इसके लिए हम तत्पर हैं।
कहा कि चारधाम रेल परियोजना के लिए बजट में 120 करोड़ रुपये का प्राविधान डिजीटल सर्वे के लिए रखा गया है। रेल लाइन के निर्माण से चारधाम यात्रा और सुगम सिद्ध होगी। रेल निर्माण के साथ-साथ स्थानीय परिवेश और पर्यावरण का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा।
प्रकृति के रख-रखाव के लिए वृहद पौधारोपण किया जाएगा। साथ पर्यावरण संरक्षण के लिए ठोस कार्य किए जाएंगे। प्रभु ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे देश के सर्वागिण विकास के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं। प्रधानमंत्री देश में एक नई ऊर्जा का संचार करना चाहते हैं, जिसे पूरा करने के लिए हमारे द्वारा पूरा अमल किया जा रहा है।