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अचानक बढ़ा गंगा का जलस्तर, टापू में फंसे लोगों को पुलिस ने बचाया

Sun, 06 Mar 2016 11:56 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश

सार

करीब आधे घंटे तक चला त्रिवेणी घाट पर रेस्क्यू अभियान।
बीते साल दिसंबर में भी घटी थी ऐसी ही घटना।
दोपहर 1 बजे रोजाना बढ़ता है गंगा का जलस्तर,पुलिस ने यात्रियों को किया आगाह।
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रेस्क्यू करते पुल‌िस के जवान - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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गंगा का जलस्तर अचानक बढ़ जाने से उत्तराखंड ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट पर नदी की मुख्य जलधारा में स्नान और आचमन के लिए गए दर्जन भर लोग टापू पर फंस गए। मौके पर पहुंची कोतवाली और जल पुलिस की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सभी 12 लोगों को सकुशल बाहर निकाला।
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रविवार करीब ढाई बजे गंगा की सहायक जलधारा में अचानक पानी बढ़ने से लोगों में अफरा तफरी मच गई। सूचना पर नगर कोतवाली, त्रिवेणी घाट चौकी, जल पुलिस के जवान मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू अभियान चलाया। 

पुलिसकर्मी त्रिवेणी घाट से टापू तक रस्सा डालकर दूसरी ओर पहुंचे और वहां से सभी यात्रियों को लाइफ जैकेट पहनाने के बाद एक-एक कर सुरक्षित त्रिवेणी घाट तक पहुंचाया। रेस्क्यू अभियान करीब आधे घंटे तक चला।
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कोतवाली प्रभारी पंकज पोखरियाल ने बताया कि त्रिवेणी घाट पर लगभग रोजाना दोपहर एक बजे गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी होती है। लिहाजा पुलिस की ओर से यात्रियों को आगाह किया जाता है कि वह इस दौरान ऐहतियातन टापू पर नहीं जाएं। 

बावजूद इसके कुछ लोग जबरदस्ती जलधारा तक पहुंच जाते हैं। उन्होंने बताया कि रविवार दोपहर को गंगा के जलस्तर में मामूली बढ़ोतरी हुई थी। इससे कुछ लोग टापू पर फंस गए थे। इन्हें रेस्क्यू अभियान चलाकर सुरक्षित निकाल लिया गया।

पुलिस को नहीं दी गंगा का जलस्तर बढ़ने की सूचना 

रेस्क्यू करते पु‌‌लिस के जवान - फोटो : amar ujala
त्रिवेणी घाट पर बढ़ा गंगा का जल स्तर स्नान और दर्शन को विभिन्न स्थानों से आए श्रद्धालुओं के लिए मुसीबत बन गया। मुख्य जलधारा में स्नान और आचमन के लिए गए दर्जन भर लोग टापू पर फंस गए।

इससे पहले बीते साल दिसंबर महीने में भी यहां ऐसा वाक्या हो चुका है। बावजूद इसके प्रशासन ने किसी तरह के पुख्ता प्रबंध नहीं किए है। बेरोकटोक टापू पर लोग आ-जा रहे हैं।

पुलिस भी केवल यात्रियों को आगाह कर अपना पिंड छुड़ा लेती है। जबकि त्रिवेणी घाट पर रोजाना लगभग दोपहर एक बजे गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी होती है।

कोतवाली प्रभारी पंकज पोखरियाल की माने तो रविवार को गंगा का जलस्तर अचानक बढ़ने की स्पेशल सूचना पुलिस को नहीं दी गई। जैसे ही त्रिवेणी घाट के टापू पर लोगों के फंसे होने की उन्हें सूचना मिली, स्थानीय पुलिस प्रशासन और जल पुलिस के जवानों ने रस्सों और लाइफ जैकेट की सहायता से वहां फंसे आशुतोष सिंह निवासी फरीदाबाद, दिव्या सिंह और अंशुमन फरीदाबाद, रविशंकर, आरती, शांतू, आरव देहरादून, विकासनगर निवासी हरिशंकर, अरुण, स्वाति, अनुराधा, सुधीर, नैना आदि को सुरक्षित निकाला। 
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रेस्क्यू टीम में शामिल पुलिस और जल पुलिसकर्मी

पुलिस के जवानों ने किया रेस्क्यू - फोटो : amar ujala
त्रिवेणी घाट चौकी इंचार्ज आशीष गुसाईं, कांस्टेबल विनोद, तेज सिंह, मनीता भंडारी, फायर कर्मी राहुल शर्मा, जल पुलिस कर्मी हरीश गुसाईं और चिराग अरोड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल रहे। 

मार्च में दोहराया गया 18 दिसंबर
इससे पहले बीते साल दिसंबर महीने में भी यह वाकया हो चुका है, जब करीब ढाई सौ लोग त्रिवेणी घाट के टापू में गंगा का जलस्तर अचानक बढ़ने से फंस गए थे। बीते साल तब त्रिवेणी घाट के टापू पर कथावाचक गोपालमणि महाराज की गोकथा चल रही थी।

18 दिसंबर 2015 को दोपहर के समय कथा के दौरान अचानक गंगा का जलस्तर बढ़ गया था। उस दौरान कथा श्रवण करने वाले श्रद्धालुओं के अलावा कई लोग गंगा की मुख्य धारा में स्नान के लिए उतरे थे। अचानक जलस्तर बढ़ने पर रेस्क्यू चलाकर उन्हें सकुशल बाहर निकाला गया।   
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