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रेशम विभाग को हस्तांतरित भूमि दोबारा पालिका को देने पर हो विचार

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ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर।
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अपर सचिव परिवहन हरि चंद्र सेमवाल ने सचिव उद्यान को पत्र लिखकर नगर पालिका से रेशम विभाग को हस्तांतरित भूमि को दोबारा पालिका को देने पर विचार करने को कहा है। इससे वर्षों से फाइलों में दौड़ रही बस अड्डा निर्माण की योजना इस साल धरातल पर आ सके।
हरबर्टपुर में अंतरराज्यीय बस अड्डे के निर्माण के लिए 27 अगस्त 2010 को हरबर्टपुर में राजकीय रेशम विभाग की 1.529 हेक्टेयर भूमि को परिवहन विभाग को हस्तांतरित किया गया था। इसे बाद में नगर पंचायत हरबर्टपुर (वर्तमान में नगर पालिका) के अनुरोध पर नगर पंचायत को हस्तांतरित कर दिया गया, लेकिन पालिका की ओर से वर्षों बाद भी बस अड्डे के निर्माण की दिशा में काम नहीं करने और अन्य प्रयोग के लिए भूमि का इस्तेमाल करने पर 11 मई 2017 को शासन ने आदेश जारी कर इस भूमि को शहरी विकास विभाग को वापस किए जाने का निर्णय लिया। इससे इस भूमि पर बस स्टैंड के निर्माण का काम लटक गया, लेकिन अब परिवहन विभाग के अपर सचिव हरि चंद सेमवाल ने सचिव उद्यान को आठ मई 2019 को पत्र लिखकर हाईकोर्ट के एक आदेश का हवाला देते हुए भूमि को रेशम विकास विभाग को लौटाने के आदेश पर फिर से विचार करने को कहा है। बस स्टैंड नहीं होने से नगर पालिका हरबर्टपुर में पार्किंग की बड़ी समस्या बनी हुई है।
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पालिका की एनओसी के बगैर हुई भूमि लौटाने की कार्रवाई
नगर पालिका हरबर्टपुर के अधिशासी अधिकारी एलम दास ने तहसीलदार विकासनगर को सात मई 2019 को लिखे पत्र में कहा कि हरबर्टपुर में देहरादून मार्ग पर स्थित भूमि बस अड्डे के निर्माण के लिए प्रस्तावित है। इसमें आंशिक निर्माण कार्य भी हो चुका है, इसके बावजूद बगैर पालिका की अनापत्ति के भूमि रेशम विकास विभाग को वापस किए जाने की कार्रवाई की गई है।
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बस अड्डा और व्यावसायिक भवन का निर्माण है प्रस्तावित
भूमि पर हरबर्टपुर में बस अड्डा, वर्कशॉप और व्यावसायिक भवन का निर्माण प्रस्तावित है। 20.14 करोड़ की लागत से इसका निर्माण किया जाना है। पालिका की ओर से इसे लेकर पूर्व में एक बैठक भी हो चुकी है।
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हरबर्टपुर में बस अड्डे का निर्माण किए जाने की प्रक्रिया चल रही है। शासन की ओर से इसके लिए मिली भूमि को शहरी विकास विभाग को वापस किए जाने का निर्णय लिया गया है। परिवहन विभाग ने सचिव उद्यान से इस निर्णय पर फिर से विचार करने को कहा है। सरकारी भूमि है हमें उम्मीद है कि फिर से यह भूमि बस अड्डे के निर्माण के लिए मिल जाएगी। -हरि चंद सेमवाल, अपर सचिव परिवहन
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