ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
दशहरे के उपलक्ष्य में साईं मंदिर में सात जोड़ों ने एक-दूसरे का हाथ थामा। सभी जोड़ों ने अग्नि के सात फेरे लेकर सात जन्मों तक साथ रहने का वचन लिया। इसके बाद ट्रस्ट के सदस्यों ने बेटियों को एक साथ ससुराल के लिए विदा किया।
बृहस्पतिवार को कुंदन लाल भल्ला चैरिटेबल ट्रस्ट साईं मंदिर की ओर से सामूहिक विवाह का आयोजन किया गया। ट्रस्ट ने गरीब परिवारों की सात कन्याओं की विधि-विधान से शादी कराई। साथ ही मंदिर प्रांगण में बारातियों के लिए भोजन की भी व्यवस्था की गई। विवाह स्थल से फेरों तक पांडाल गीतों से गुंजायमान रहा। वहीं, कन्याओं को गृहस्थी के सामान के साथ ही साढे़ सात हजार रुपये की एफडी कराकर भेंट की गई। विवाह में लोगों ने बढ़ चढ़कर कन्यादान किया। कार्यक्रम आयोजक केदार नाथ भल्ला ने बताया कि समाज में बेटी बचाओ के संदेश के साथ ट्रस्ट 1995 से निर्धन परिवारों की बेटियों की शादी कराता आ रहा है। इसके लिए वह तीन माह पहले से प्रचार शुरू कर देते हैं और दशहरे से पहले बृहस्पतिवार को विधि विधान से कन्याओं का विवाह कराते हैं। इस अवसर पर रीता भल्ला, तरुण भल्ला, पुनीत भल्ला, अनुराधा, नलिनी, सतीश आदि मौजूद रहे।
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माता की चौकी सजाई
सामूहिक विवाह कार्यक्रम के बाद शाम करीब छह बजे माता की चौकी सजाई गई। इसमें पटियाला से राजीव एंड पार्टी ने माता की भेंटें गाईं। इसे सुन भक्त मंत्रमुग्ध हो गए। साथ ही माता के सुंदर भजनों पर भक्त खुद को झूमने से नहीं रोक पाए।
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दुल्हन ने कराया दृूल्हे को इंतजार
शादी समारोह में एक दुल्हन समय पर नहीं पहुंची, जिसके कारण दूल्हे को घंटो इंतजार करना पड़ा और नाराज होकर मंडप से चला गया। बाद में दुल्हन के पहुंचने पर रिश्तेदारों ने मुश्किल से दूल्हे को शादी के लिए राजी किया।
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गर्ग दंपति ने किया कन्यादान
शिव विहार कॉलोनी निवासी महेश चंद्र गर्ग और उनकी पत्नी मिथिलेश ने सभी कन्याओं का कन्यादान किया। उन्होंने बताया कि वह पिछले पांच साल से कार्यक्रम का हिस्सा बन रहे हैं। इससे पहले उनका बेटा संजय और बहू पूनम कन्यादान की परंपरा निभाते थे। उन्होंने दूल्हा-दुल्हन को आशीर्वाद के साथ उपहार भी भेंट किए।