ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
शारदीय नवरात्र की अष्टमी को बुधवार को शहरभर के मंदिरों, घरों और दुर्गा मंडपों में माता को भोग लगाकर कन्याएं जिमाई गईं। भक्तों ने मां दुर्गा के विभिन्न नौ स्वरूप रूपी कन्याआें को साज-शृंगार की सामग्री और उपहार भेंट किए।
नवरात्र में कन्या पूजन का विशेष महत्व है। नौ कन्याओं को नौ देवियों के रूप में पूजन के बाद ही नवरात्र व्रत का परायण होता है। कन्या का पूजन करने से मां दुर्गा इंसान का दुख दर्द दूर करने के साथ ही मनोकामना भी पूरी करती हैं। शास्त्री खीमानंद भट्ट ने बताया कि शारदीय नवरात्र में कन्या पूजन का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में स्त्री जन्म से ही पूजनीय है। स्त्री जाति को सदैव ही मातृ दृष्टि से पूजा जाता है। जहां नारी का सम्मान होता है, वहां ईश्वर का वास होता है।
बच्चों में रहा खासा उत्साह
कन्या पूजन को लेकर बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। सुबह से ही बच्चे नए कपड़े पहनकर तैयार हो गए थे। विशेष पकवान और उपहार पा कर बच्चे खुशी से झूम दिखाई दिए। वहीं, माता के भक्तों ने बच्चों का विशेष स्वागत किया।
शुभ मुहूर्त देख करें कन्या पूजन
नवमी को कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त 8:34 से 12 :54 बजे तक है। मेष, सिंह, धनु, मिथुन, तुला, कुंभ राशि के जातक के लिए शुभ मुहूर्त 8 :34 से 10 :58 बजे तक का है। वृषभ, कन्या, मकर, कर्क, मीन, वृश्चिक राशि के जातक 11 से 12:58 बजे तक कन्या पूजन कर सकते हैं।