नाबालिग से दुष्कर्म करने वाले को सात साल की कैद
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
शादी का झांसा देकर नाबालिग से दुष्कर्म करने वाले को अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम ने सात साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। इसमें से 20 हजार रुपये पीड़िता को दिए जाएंगे। जुर्माना न देने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
अधिवक्ता जया ठाकुर ने बताया है मामला वर्ष 2013 का विकासनगर क्षेत्र का है। पहले से शादीशुदा विश्वास चौधरी ने शादी का झांसा देकर नाबालिग से दुष्कर्म किया। इसके लिए विश्वास चौधरी ने नाबालिग को पैसों का लालच भी दिया। पांच नवंबर 2013 को विश्वास चौधरी जबरन पीड़िता को अपने घर ले गया था और उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद विश्वास चौधरी ने पीड़िता को एक कमरे में बंद कर दिया। इसी बीच विश्वास चौधरी की पत्नी वहां पहुंच गई और दोनों के बीच झगड़ा हो गया। इसी बीच मौका पाकर नाबालिग वहां से भाग निकली और परिजनों को जानकारी दी। इसके बाद विश्वास चौधरी पीड़िता को जान से मारने की धमकी देने लगा। इस बाबत आठ नवंबर को उसके खिलाफ विकासनगर कोतवाली में अपहरण, बंधक बनाने और दुष्कर्म की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम आरके खुल्बे ने उसे दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। हालांकि कोर्ट ने उसे धारा 366ए के आरोप से बरी कर दिया है।