13 दिन पहले रुड़की में सुरक्षाकर्मी को गोली मारकर एटीएम में कैश डालने पहुंचे कर्मियों से 25 लाख रुपये लूट कर साथियों के साथ फरार हुए दो लाख के इनामी बदमाश सुखविंदर सिंह (उर्फ मोनी) को मुठभेड़ के बाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पैर में गोली लगने के बाद घायल बदमाश को डाक्टरों ने हायर सेंटर रेफर कर दिया है।
एसएसपी कृष्ण कुमार वीके ने बताया कि गिरफ्तार बदमाश पर पंजाब में बैंक में लूट समेत आठ मुकदमे दर्ज हैं। वह एक बार जेल से फरार भी हो चुका है। मुठभेड़ से एक दिन पूर्व लूट में शामिल दो अन्य बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से पुलिस ने लूटी गई रकम में से पांच लाख रुपये, एक पिस्टल, लूट में प्रयोग की बिना नंबर की बाइक, एक तमंचा, तीन खोखा, एक कारतूस और दो मोबाइल बरामद किए हैं। एसएसपी ने प्रेस कांफ्रेंस में लूट का खुलासा करते हुए बताया कि सात अप्रैल को हुई 25 लाख की लूट के बाद जांच में जुटी पुलिस को घटनास्थल के पास से एक संदिग्ध स्कूटी मिली थी। इसके आधार पर पुलिस ने बृहस्पतिवार देर रात लूट के सूत्रधार राजेंद्र वर्मा उर्फ मिंटू (निवासी शिव विहार, झबरेड़ा) को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उसने बताया कि उसका दोस्त अमित तलवार (निवासी रायपुर, थाना भगवानपुर) ने उसे लुधियाना (पंजाब) के सुखविंदर सिंह से मिलवाया था। इसके बाद तीनों ने मिलकर एटीएम में लूट की घटना को अंजाम दिया। उन्होंने जानकारी दी कि सुखविंदर सिंह पनियाला के रास्ते से तड़के आने वाला है। इस पर पुलिस ने घेराबंदी कर ली।
एसपी देहात मणिकांत मिश्रा, सीओ एसके सिंह, कोतवाल कमल कुमार, एसओजी ने पुलिस टीम के साथ तड़के करीब साढ़े चार बजे पनियाला लाठरदेवा तिराहे पर सिल्वर रंग की बिना नंबर की बाइक पर जा रहे बदमाश को रोकने का प्रयास किया, लेकिन उसने बाइक खेतों में दौड़ा दी और पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी फायरिंग में पैर में गोली लगने से बदमाश घायल हो गया। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर इसे दबोच लिया। एसएसपी ने बताया कि घायल बदमाश सुखविंदर सिंह उर्फ मौनी (निवासी लेबर कॉलोनी, धूस मोहल्ला, भारत नगर चौक, लुधियाना, पंजाब) को पहले रुड़की सिविल अस्पताल ले जाया गया जहां से उसे पहले हरिद्वार फिर हायर सेंटर रेफर कर दिया।