ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
सुरक्षित भविष्य के लिए नीति बनाने और वेतन विसंगति दूर करने की मांग पर कार्रवाई न होने से नाराज उपनल कर्मचारी अप्रैल के प्रथम सप्ताह में प्रदेशव्यापी आंदोलन करेंगे। प्रदेशभर के करीब 21 हजार कर्मचारी इस महा आंदोलन के दौरान सड़कों पर उतरकर अपनी मांगों को पूरा कराने की लड़ाई लड़ेंगे।
रविवार को हुई उपनल कर्मचारी महासंघ की प्रदेश कार्यकारिणी बैठक में आंदोलन करने का निर्णय लिया गया। अध्यक्षता करते हुए प्रदेश अध्यक्ष दीपक चौहान ने कहा कि प्रदेश सरकार बार-बार उपनल कर्मचारियों को झूठा आश्वासन देकर बरगलाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री खुद कई बार कह चुके हैं कि उपनल कर्मचारियों के वेतन में विसंगति है। संगठन भी कई बार उनसे मुलाकात का वक्त मांग चुका है लेकिन उन्हें समय नहीं दिया जा रहा है।
बैठक में प्रदेश और जिला कार्यकारिणीयों ने संयुक्त रूप से प्रस्ताव पारिसत किया। उन्होंने कहा कि 21 मार्च तक कर्मचारियों की मांगों पर विचार न होने पर प्रदेशभर में अप्रैल के पहले सप्ताह से आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। बैठक में भावेश जगूड़ी, मोहन रावत, पूरन भट्ट, राकेश जोशी, हेमंत रावत, योगेंद्र लिंगवाल, अभिनव जोशी, भारूदेंद्र नेगी, प्रवीण राणा, विपिन असवाल, मानवेंद्र तड़ियाल, हिमांशु जुयाल, रोहित वर्मा समेत अन्य शामिल रहे।