ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून।
अप्रैल में होने वाले संभावित नगर निगम के चुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस के पास मजबूत दावेदारों की भरमार है। वहीं, छोटे दलों को बड़े दलों को टक्कर देने में सक्षम प्रत्याशियों की तलाश में कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। छोटे दल बड़े दलों से टिकट मांग रहे दिग्गजों पर नजर बनाए हुए है, ताकि उनको टिकट न मिलने पर अपने पाले में कर सके।
भाजपा और कांग्रेस से टिकट के लिए उम्मीदवारों की लंबी लाइन लगनी शुरू हो गई है। जहां एक ओर पार्टी के वर्तमान पार्षद फिर से चुनाव में ताल ठोकने को तैयार है। वहीं, नए दावेदार भी सामने आने लगे हैं। वह क्षेत्र की समस्याओं को पुरजोर से उठा रहे हैं। ऐसे में वर्तमान पार्षदों के सामने भी अपना वार्ड बचाकर रखना चुनौती बन गया है। वह भी किसी भी सूरत में अपना टिकट नहीं खोना चाहते हैं। इसके लिए पार्टी हाईकमान की परिक्रमा कर वह भरसक प्रयास कर रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर समाजवादी पार्टी, बसपा और उक्रांद जैसे छोटे दलों की निगाहें दमदार उम्मीदवारों को खोजने में जुटी हैं। पार्टियों ने कार्यकर्ताओं को क्षेत्रों में सक्रिय कर दिया है। जिससे वह जीत का माद्दा रखने वाले उम्मीदवारों को अपनी पार्टी से मैदान में उतार सकें।
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कोट::
प्रत्याशियों की तलाश शुरू कर दी गई है। परिसीमन की रिपोर्ट आने के बाद प्रत्याशियों का चयन पूरा किया जाएगा।
- सत्यपाल, जिलाध्यक्ष बसपा
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बेहतर उम्मीदवार न मिलने पर बसपा को छोड़कर अन्य छोटे दलों के साथ वार्ता कर गठबंधन करके चुनाव लड़ेंगे।
- दीप सिंह रावत प्रदेश अध्यक्ष सपा
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पार्टी ने उम्मीदवारों को खोजना शुरू कर दिया है। हमारा लक्ष्य मजबूत प्रत्याशियों को मैदान में उतारना है।
- संजय छेत्री, महानगर अध्यक्ष उक्रांद