परिसीमन के फेर में अटके वार्डों के विकास कार्य
देहरादून/अमर उजाला ब्यूरो
अगले वर्ष अप्रैल में संभावित नगर निगम के चुनाव का असर वार्डों में भी साफ देखने को मिल रहा है। पार्षदों की निगाहें परिसीमन पर टिकी हैं। इसके चलते पार्षदोें ने अपने वार्डों में अभी तक विकास कार्य भी शुरू नहीं कराया है। उन्हें इस बात का डर है कि परिसीमन के बाद उनके वार्ड का भूगोल बदल न जाए। यही कारण है कि 25 लाख की धनराशि जारी होने के बावजूद अधिकतर वार्डों में विकास कार्य शुरू नहीं हौ सके हैं।
मेयर विनोद चमोली ने वार्डों में विकास कार्यों के लिए करीब दो महीने पहले हर वार्ड को 25-25 लाख रुपये की धनराशि जारी की थी, लेकिन 60 के सापेक्ष अभी केवल हाथीबड़कला, किशननगर, बसंत विहार समेत कुछ ही वार्डों में कार्य शुरू हुआ है। इसकी वजह वार्डों का नए सिरे से किया जाने वाला परिसीमन बताया जा रहा है। पार्षदों को डर है कि कहीं परिसीमन के बाद उनका वार्ड हाथ से न निकल जाए। ऐसे में वह विकास कार्य कराने से बच रहे हैं। बहरहाल पार्षदों की इस गणित का खामियाजा वार्ड के लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
वार्डों को 35 करोड़ देने का मामला भी लटका
बीते आठ नवंबर को मेयर विनोद चमोली ने विकास कार्यों के लिए सभी वार्डों को 50 करोड़ रुपये जारी करने का एलान किया था। इसके तहत 15 करोड़ रुपये वार्डों को आवंटित भी कर दिए गए। इसके बावजूद वार्डों में विकास कार्य ठप पड़े हैं।
साढ़े सात से आठ हजार आबादी का होगा वार्ड
नायब तहसीलदार नरेशचंद्र नौटियाल के मुताबिक वर्तमान में अधिकतर वार्डों की आबादी करीब 10 हजार या इससे ज्यादा है। सीमा विस्तार के तहत 72 नए गांव शामिल हो जाएंगे। इसे देखते हुए एक वार्ड की आबादी साढ़े सात से आठ हजार रखी जाएगी।
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नगर निगम की ओर से हर वार्ड को 25-25 लाख रुपये की धनराशि आवंटित की जा चुकी है। विकास कार्य को लेकर पार्षदों को खुद सक्रिय होना होगा।
- विनोद चमोली, मेयर