ब्यूरो/अमर उजाला।
देहरादून। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) के सदस्य सचिव प्रो. आलोक प्रकाश मित्तल ने कहा कि युवाओं के लिए रोजगार की राह आसान बनाने के लिए टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। यह टास्क फोर्स एक ऐसा एजुकेशन फेमवर्क तैयार करेगी, जिससे युवाओं को पढ़ाई के बाद रोजगार की राह भी आसान होगी।
इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियर्स की दून शाखा में ‘डिजिटल इंडिया और सतत विकास के लिए साइबर फिजिकल सिस्टम्स’ विषय पर आयोजित दो दिवसीय सेमिनार शुक्रवार को संपन्न हो गया। मुख्य अतिथि अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के सदस्य सचिव प्रो. आलोक प्रकाश मित्तल और यूकॉस्ट के महानिदेशक डॉ. राजेंद्र डोभाल, तकनीकी विवि के कुलपति डॉ. नरेंद्र एस चौधरी और इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियर्स के पूर्व अध्यक्ष नरेंद्र सिंह ने दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि प्रो. आलोक प्रकाश मित्तल ने कहा कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति में तकनीकी समझ विकसित की जानी चाहिए। किसी भी देश के विकास में तकनीकी दृष्टिकोण एक महत्वपूर्ण कारक होता है। डॉ. राजेंद्र डोभाल ने ई-गवर्नेंस, जीआईएस, बायो टेक्नोलॉजी आदि पर बात की। इक्फ ाई विवि के प्रति कुलपति प्रो. मुद्दू विनय ने प्रौद्योगिकी की भूमिका और साइबर फि जिकल सिस्टम की जानकारी दी। एचआरडी इंडिया के सीईओ डॉ. सिद्धार्थ पांडेय ने साइबर वॉर पर बात की। यूपीईएस के डीन डॉ. मनीष प्रतीक ने सतत विकास के लिए डिटिजल टेक्नोलॉजी अपनाने पर जोर दिया। ब्रिगेडियर राजीव सेठी (सेवानिवृत्त) ने बताया कि मौजूदा समय में युद्ध कौशल में साइबर सिस्टम का क्या महत्व है। इस अवसर पर आईएमएस विवि के चांसलर प्रो. एमपी जैन, डॉ. अमित अग्रवाल, डॉ. जेसी पटनी, डॉ. पराग जैन, डॉ. नीलिमा आदि मौजूद रहे।