ब्यूरो/अमर उजाला।
देहरादून। राज्य मानसिक स्वास्थ्य संस्थान सेलाकुई के औचक निरीक्षण के दौरान राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष विजय बड़थ्वाल को खामियां मिलने पर कर्मचारियों को जमकर फटकार लगाई। साथ ही कोई डॉक्टर उपस्थित न होने पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने तीन दिन के भीतर संस्थान में यौन उत्पीड़न निवारण समिति गठित कर आयोग को सूचित करने के निर्देश दिए।
बृहस्पतिवार को राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष विजय बड़थ्वाल और सचिव कामिनी गुप्ता ने राज्य मानसिक स्वास्थ्य संस्थान का निरीक्षण किया। इस दौरान कई अनियमितताएं सामने आई। मरीजों के कक्ष में गंदगी देखकर अध्यक्ष ने नाराजगी जताई और तत्काल कक्षों की साफ-सफाई करने के निर्देश दिए। डाक्टरों के संबंध में पूछताछ करने पर कर्मचारियों ने बताया कि मुख्य चिकित्सा अधीक्षक अभिषेक गुप्ता मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में आयोजित एक बैठक में शामिल होने गए हैं। जबकि डॉ. जीएस बिष्ट की सप्ताह में तीन ही दिन ड्यूटी होती है। अन्य दो डॉक्टर पीजी करने गए हुए हैं। इस पर अध्यक्ष ने नाराजगी जताते हुए कहा कि संस्थान में छह डॉक्टर होने के बाद भी मानसिक रोगियों के उपचार के लिए कोई उपलब्ध नहीं है। यह घोर लापरवाही है। अध्यक्ष ने यौन उत्पीड़न समिति के बारे में जानकारी मांगी तो किसी कर्मचारी को इस संबंध में जानकारी ही नहीं थी। इस पर अध्यक्ष ने तीन दिन के भीतर समिति गठित कर आयोग को सूचित करने के निर्देश दिए।
अध्यक्ष को गिनाईं कमियां
कई खामियां उजागर होने के बाद कर्मचारियों ने भी राज्य बाल आयोग की अध्यक्ष को शासन स्तर से बरती जा रही लापरवाही गिनाईं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2010 में 30 बेड के साथ इस अस्पताल की शुरूआत की थी। अस्पताल को 100 बेड किए जाने की योजना थी। लेकिन, नौ साल बीत जाने के बावजूद आज तक एक बेड नहीं बढ़ाया गया। बताया कि यहां 13-13 बेड महिलाओं व पुरुषों और 4 बेड बच्चों के लिए आरक्षित किए गए हैं।