उत्तरकाशी/बड़कोट/चिन्यालीसौड़।
जनपद के विभिन्न हिस्सों में बीते दो दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। यमुनोत्री हाईवे पर 17 दिन बाद भी यातायात बहाल नहीं हो पाया, जबकि गंगोत्री हाईवे समेत अन्य लिंक मोटर मार्गों पर भूस्खलन से यातायात प्रभावित हुआ। जगह-जगह भूस्खलन से आवासीय भवनों को नुकसान पहुंचा है। यमुना घाटी में कुपड़ा गांव को छानियों से जोड़ने वाली पैदल पुलिया ध्वस्त हो गई। यमुनोत्री क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति ठप हो गई है।
जिले के विभिन्न हिस्सों में रविवार दोपहर से ही रिमझिम बारिश का सिलसिला जारी है। बारिश के चलते ओजरी डबरकोट में भारी मलबा आने से यातायात बहाली की कोशिशें परवान नहीं चढ़ सकीं। गंगोत्री हाईवे पर लालढांग समेत कुछ अन्य हिस्सों में मलबा आने से यातायात प्रभावित हुआ। हालांकि बीआरओ ने जल्द ही मलबा हटाकर यातायात सुचारु कर लिया। उत्तरकाशी-लंबगांव मोटर मार्ग पर भी भूस्खलन से यातायात बाधित हुआ। यमुनोत्री क्षेत्र में बारिश से बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त होने से हनुमानचट्टी से आगे यमुनोत्री धाम तक विद्युत आपूर्ति ठप पड़ गई है। क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य भगत सिंह राणा ने बताया कि तिर्खली गांव में राम सिंह के मकान का आंगन ढहने से भवन को खतरा पैदा हो गया है। स्यानाचट्टी की पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हो गई है। कुपड़ा गांव की छानियों को जाने वाले पैदल रास्ते पर बनी पुलिया ध्वस्त होने से ग्रामीण छानियों तक नहीं जा पा रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र क्षति का आकलन कराकर प्रभावितों को राहत सहायता देने तथा व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की मांग की है।
इधर, चिन्यालीसौड़ ब्लाक के धारकोट गांव में भारी बारिश से भूस्खलन होने पर सोहन दास एवं सुशीला देवी का मकान क्षतिग्रस्त हो गया। राजस्व उपनिरीक्षक विनोद जगूड़ी ने मौका मुआयना कर रिपोर्ट प्रशासन को सौंप दी है। ग्राम प्रधान रोशनी गुसाईं एवं क्षेत्र पंचायत सदस्य आरती राणा ने पीड़ित परिवारों के रहने की व्यवस्था गांव के बेसिक स्कूल एवं आंगनबाड़ी केंद्र में की है। भटवाड़ी ब्लाक में किशनपुर गांव की सड़क पर गुजर रहे टैंपों वाहन पर एक पेड़ आ गिरा। इस हादसे में चालक को चोट नहीं आई, लेकिन टैंपों क्षतिग्रस्त हो गया।