ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
ग्राम प्रधानों ने शुक्रवार को बजट की मांग को लेकर विकास भवन में प्रदर्शन किया। ग्राम प्रधानों ने कहा कि अक्तूबर के बाद ग्राम पंचायतों को बजट नहीं दिया गया है, जिस कारण गांवों में विकास कार्य ठप है।
बता दें कि सरकार ने कुठालगांव, बगरियाल, मालसी, हाथीबड़कला, अनार वाला समेत 72 गांवों को नगर निगम में समायोजित कर दिया था। बाद में प्रकरण हाईकोर्ट में पहुंच गया था। अदालत ने इस समायोजन पर रोक लगा दी थी। अदालत फैसले के बाद इन गांवों के ग्राम प्रधान बजट की मांग को लेकर लामबंद हो गए हैं। शुक्रवार को कई गांवों के ग्राम प्रधान विकास भवन पहुंचे और प्रदर्शन किया। प्रधानों ने डीपीआरओ जफर खान से कहा कि अक्तूबर के बाद से पंचायती राज विभाग की ओर से उन्हें कोई बजट जारी नहीं किया गया है। न ही इससे पहले नगर निगम से बजट दिया गया। जिससे गांवों में विकास कार्य ठप पड़े हैं। डीपीआरओ जफर खान ने कहा कि बजट के आवंटन पर शासन स्तर से रोक लगाई गई है, ऐसे में शासन स्तर से ही बजट आवंटन को लेकर ही कोई फैसला होना है।