ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
उपनल के माध्यम से जल संस्थान में भर्ती हुए 12 इंजीनियरों की सेवाएं समाप्त हो गई हैं। जल संस्थान ने उपनल से मिले पत्र (नियम विरुद्ध नियुक्ति) के आधार पर पर सात एई और पांच जेई को हटाने का आदेश जारी कर दिया है। 30 अप्रैल से इनकी सेवाएं समाप्त मानी जाएंगी। गैर सैन्य पृष्ठभूमि होने के बावजूद इनकी नियुक्ति उपनल के माध्यम से की गई थी।
इसी माह विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल के बेटे पीयूष अग्रवाल और दो अन्य की नियम विरुद्ध नियुक्ति उत्तराखंड पूर्व सैनिक निगम लिमिटेड (उपनल) से हुई थी। अमर उजाला ने सात अप्रैल 2018 के अंक में ‘विधानसभा अध्यक्ष के बेटे की उपनल से नियम विरुद्ध नियुक्ति’ हेडिंग से प्रकाशित की। इसके बाद न केवल पीयूष एवं अन्य के अनुबंध समाप्त किए गए, बल्कि कई और की नियुक्तियों के अनुबंध भी उपनल ने खत्म कर जांच बैठा दी थी।
जांच के दौरान उपनल ने जल संस्थान सहित सभी विभागों को पत्र भेजकर 2016 के बाद गैर सैन्य पृष्ठभूमि वाले सभी अनुबंध समाप्त करने की जानकारी दी थी। जल संस्थान को यह आदेश मिलने के बाद वहां तैनात सात एई और पांच जेई की नियुक्ति तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई है। जल संस्थान के मुख्य महाप्रबंधक एसके गुप्ता ने बताया कि उपनल का पत्र मिलने के बाद सेवा समाप्त की गई है। यह अभियंता प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर तैनात थे।