ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
धर्मांतरण की साजिशें लगातार जारी हैं। इसे रोकने के लिए प्रदेश सरकार धर्मांतरण विरोधी कानून लाई है। इसके तहत अब शासन की बिना अनुमति कोई धर्मांतरण या फिर साजिश में शामिल पाया गया तो सख्त कार्रवाई व पांच साल की सजा का प्रावधान किया गया है।
ये बातें मुख्यमंत्री सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बृहस्पतिवार को हरिद्वार रोड स्थित एक वेडिंग प्वाइंट में हिंदू जागरण मंच के कार्यक्रम में कहीं। सीएम ने कहा कि स्वामी विवेकानंद व महात्मा गांधी ने भी धर्मांतरण को देश की अखंडता और संस्कृति पर संकट बताया है। वर्तमान में कुछ स्वार्थी तत्व गरीबों की मदद करके धर्मांतरण कराने के प्रयास में रहते हैं। नए कानून के तहत अब यदि कोई किसी का धर्म परिवर्तन करता है तो इससे पहले उन्हें शासन से अनुमति लेनी होगी और जबरन धर्म परिवर्तन कराने पर पांच साल की सजा का प्रावधान भी रखा गया है। विशिष्ट अतिथि हिंदू जागरण मंच के क्षेत्रीय संगठन मंत्री हितेश बंसल ने कहा कि मंच राज्य गठन के पहले से ही ऐसे कानून की मांग करता रहा है। कानून बनाने के बाद अब इसे सख्ती से लागू करना अहम होगा। कार्यक्रम के दौरान भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष राजू भंडारी ने भी विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर संगठन के पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से मुख्यमंत्री को सम्मानित किया। इस अवसर पर हिंदू जागरण मंच के प्रदेश अध्यक्ष कृष्ण सिंह बोरा, एमएस पंत समेत कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।