ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
दून विश्वविद्यालय परिसर में शुक्रवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत और उच्च शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ.धन सिंह रावत ने ‘डॉ.नित्यानंद हिमालयी शोध एवं अध्ययन केंद्र’ का भूमि पूजन और शिलान्यास किया। इस मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2019 तक केंद्र का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा और अगले सत्र से पढ़ाई भी शुरू हो जाएगी।
शिलान्यास कार्यक्रम के आयोजित सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने केंद्र को हिमालयी क्षेत्र के शोध एवं अध्ययन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि हिमालय पर कई अध्ययन हुए हैं, लेकिन अभी बहुत कुछ किए जाने की आवश्यकता है। डॉ.नित्यानंद ने अपना जीवन हिमालय की सेवा में समर्पित किया, इसलिए उनके जन्मदिन के मौके पर इस केंद्र की स्थापना की जा रही है। उन्होंने बताया कि 0.39 हेक्टेयर में 15 करोड़ रुपये की लागत से भवन निर्माण होगा। उच्च शिक्षा राज्यमंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने कहा कि शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार के लिए प्रदेश के महाविद्यालयों में 877 असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती प्रक्रिया गतिमान है। दून विवि के कुलपति प्रो. चंद्रशेखर नौटियाल ने कहा कि केंद्र की स्थापना से विवि में शोध कार्यों को बढ़ावा मिलेगा।
आरएसएस के सह सर कार्यवाह डॉ.कृष्ण गोपाल ने संसाधनों का उपयोग करते हुए स्थानीय लोगों की आय बढ़ाने के प्रयास पर जोर दिया। कार्यक्रम का संचालन डॉ.हरीश चंद्र पुरोहित ने किया। इस अवसर पर विधायक हरबंश कपूर, खजान दास, मेयर विनोद चमोली, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट, विहिप के दिनेश चंद्र, अपर मुख्य सचिव डॉ.रणवीर सिंह, श्रीदेव सुमन विवि के कुलपति डॉ.उदय सिंह रावत, अंतरिक्ष उपयोग केंद्र के निदेशक डॉ.एमपीएस बिष्ट, लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ.डीपी जोशी, डॉ.मुकेश देवराड़ी समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।