ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
एनएसयूआई ने रविवार को एस्ले हॉल में उच्च शिक्षा मंत्री और एबीवीपी का पुतला फूंका। कहा कि उच्च शिक्षा मंत्री के आदेशों का पालन नहीं करने का खामियाजा उच्च शिक्षा निदेशक, दो प्राचार्य व एक संविदा प्राध्यापक को निलंबन के रूप में भुगतना पड़ रहा है। वहीं, दूसरी ओर एबीवीपी ने डीएवी पीजी कॉलेज में पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री व एमबी पीजी कॉलेज प्रशासन का पुतला जलाया।
एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने कहा कि निलंबन के विरोध में एमबी पीजी कॉलेज हल्द्वानी में आंदोलन कर रहे शिक्षकों को एबीवीपी कार्यकर्ताओं का जबरन धरने से उठाना गलत है। शिक्षकों और कर्मचारियों का उत्पीड़न किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सरकार के जल्द निर्णय वापस नहीं लेने पर आंदोलन की चेतावनी दी। इस दौरान एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष मोहन भंडारी, श्याम सिंह चौहान, जिलाध्यक्ष सौरभ ममगाई, भूपेंद्र नेगी, प्रदेश महासचिव डिंपल जोशी आदि मौजूद रहे।
उधर, दूसरी ओर एबीवीपी कार्यकर्ताओं का कहना था कि एमबी पीजी कॉलेज हल्द्वानी में फर्जी एडमिशन करा मीमांसा आर्य को चुनाव में प्रत्याशी बनाने का विरोध किया था। जिसे लेकर अब कार्रवाई की गई। उन्होंने भी तत्कालीन उच्च शिक्षा मंत्री और एमबी पीजी कॉलेज प्रशासन का पुतला फूंक नाराजगी जताई। इस दौरान राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य संकेत नौटियाल, प्रदेश कार्यालय मंत्री निमेष सिंह, अरुण चमोली, हिमांशु, योगेश घाघट आदि मौजूद रहे।