ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
सिंगल गर्ल चाइल्ड को फीस माफी या दो बेटियों में से एक बेटी को फीस माफी पर सीबीएसई ने साफ कर दिया है कि ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। देशभर में इन दिनों यह खबर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें कहा गया है कि सीबीएसई ने फीस में छूट का प्रावधान किया है। बोर्ड ने कहा है कि यह केवल अफवाह है।
इन दिनों एक फर्जी खबर सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रही है। इसमें बताया गया है कि सीबीएसई ने सिंगल गर्ल चाइल्ड या दो बेटियों में से एक बेटी को फीस में छूट देने का प्रावधान किया है। इस फर्जी खबर का असर इतना हुआ कि खुद बोर्ड को इसमें आगे आना पड़ा। सीबीएसई ने एक नोटिस जारी किया है। इसमें बताया गया है कि किसी भी सिंगल गर्ल चाइल्ड या दो बेटियों में से एक बेटी को फीस में छूट का बोर्ड ने कोई नियम लागू नहीं किया है। यह पूर्ण रूप से फर्जी खबर है। केवल केंद्रीय विद्यालयों में 22 मार्च 2006 को एक सर्कुलर जारी हुआ था, जिसमें कक्षा छह से 12वीं तक की छात्राओं को शुल्क में कुछ छूट का प्रावधान किया गया था। बोर्ड ने यह भी साफ किया है कि अगर प्राइवेट स्कूल चाहें तो अपने स्तर पर फीस में छूट कर सकते हैं लेकिन सीबीएसई उन्हें इसके लिए बाध्य नहीं कर सकता। सीबीएसई देहरादून के क्षेत्रीय अधिकारी रणबीर सिंह का कहना है कि बोर्ड ने अभी तक फीस में छूट जैसा कोई नियम नहीं बनाया है।
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सिंगल गर्ल चाइल्ड को स्कॉलरशिप
सीबीएसई ने बताया है कि सिंगल गर्ल चाइल्ड के लिए उन्होंने 15 अक्तूबर 2005 को छात्रवृत्ति योजना शुरू की थी। इस छात्रवृत्ति के लिए सीबीएसई की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन होता है। चयनित होने वाली छात्राओं को एक निश्चित रकम हर माह उपलब्ध कराई जाती है।