ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून।
उत्तराखंड हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (उडा) ने रियल एस्टेट रेगुलेशन एक्ट (रेरा) में पंजीकरण नहीं कराने वाले 50 बिल्डरों को नोटिस जारी किया है। इनमें 13 बिल्डरों को सात दिन के भीतर पंजीकरण नहीं कराने पर उनके प्रोजेक्टों को काली सूची में डालने की चेतावनी दी है। उडा की इस कार्रवाई से बिल्डरों में खलबली मची है।
एक मई 2017 से प्रदेश में रेरा लागू किया है। इसमें रियल एस्टेट कारोबारियों को पंजीकरण कराना अनिवार्य है। उडा की ओर से कई बार सेमिनार आयोजित कर बिल्डरों को रेरा एक्ट की जानकारी दी जा चुकी है। इसक बाद भी पंजीकरण नहीं कराने वाले बिल्डरों को नोटिस भेजने की कार्रवाई की गई है। इसके बाद भी बिल्डरों ने पंजीकरण कराना तो दूर नोटिस का जवाब तक नहीं दिया है। शासन स्तर पर प्रदेशभर में काम करने वाले बिल्डरों को चिह्नित किया जा रहा है। चिह्नित 50 बिल्डरों को बुधवार को प्राधिकरण के नियामक अधिकारी सचिव आवास अमित नेगी की ओर से नोटिस जारी किया गया है।
इनमें 13 ऐसे बिल्डर हैं जिन्हें पूर्व में नोटिस भेजा जा चुका है। इन बिल्डरों ने पंजीकरण नहीं कराया और न ही नोटिस का जवाब दिया। उडा ने 13 बिल्डरों को एक सप्ताह का समय दिया है। सप्ताह के अंदर पंजीकरण नहीं कराने पर उनके प्रोजेक्ट काली सूची में डालने की चेतावनी दी गई है। सूत्रों के मुताबिक कुछ बिल्डरों ने उडा को गलत शपथ पत्र भी दिए हैं। इनकी जांच की जा रही है। बिल्डर प्राधिकरण से वास्तविकता छिपाकर ग्राहकों से मनमाने कीमत पर मकान बेच रहे हैं। सचिव अमित नेगी ने सभी जिलाधिकारियों से कहा कि उनके जिलों में काम करने वाले बिल्डरों को चिह्नित किया जाए। उनका ब्योरा और प्रोजेक्ट प्राधिकरण को उपलब्ध कराया जाए, ताकि उनके खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।