उत्तराखंड में मई 2008 से शुरू हुई जीवीके ईएमआरआई के जरिये संचालित 108 एंबुलेंस सेवा ने शुक्रवार को 11 लाख लोगों को आपातकालीन सहायता देने का आंकड़ा पार कर लिया। इसके साथ ही 108 से अभी तक प्रदेश में 28300 लोगों को जीवनदान मिल चुका है। जीवीके ई.एम.आर.आई. 108 आपातकालीन सेवा ने 11 लाख से अधिक आपातकालीन मामलों में पीड़ितों को सहायता प्रदान कर एक नया कीर्तिमान भी स्थापित कर लिया है।
108 एंबुलेंस में 800 से ज्यादा कर्मचारी 24 घंटे, सातों दिन अपनी सेवाएं दे रहे हैं। आपातकालीन सेवा में कुल 139 एंबुलेंस वाहनों से आठ सालों में लगभग चार करोड़ दस लाख किलोमीटर से अधिक की यात्रा तय करते हुए 11 लाख से अधिक लोगों को आपातकालीन मामलों मेडिकल, पुलिस व अग्नि संबंधित में अपनी त्वरित सेवाएं प्रदान की हैं।
इन 11 लाख आपातकालीन मामलों में कुल 10 लाख 54 हजार से अधिक मेडिकल इमरजेंसी तथा 45 हजार से अधिक पुलिस एवं अग्नि संबंधी आपातकालीन मामले दर्ज हुए हैं।
अब तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार 108 आपातकालीन सेवा का सर्वाधिक लाभ राज्य की गर्भवती महिलाओं को प्राप्त हुआ है। अब तक कुल चार लाख 26 हजार से अधिक गर्भवती महिलाओं को 108 आपातकालीन सेवा द्वारा संस्थागत प्रसव हेतु राज्य के विभिन्न अस्पतालों तक सुरक्षित पहुंचाया गया है। वहीं 108 आपातकालीन सेवा के एंबुलेंस वाहनों में लगभग आठ हजार 9 सौ से अधिक गर्भवती महिलाओं का सुरक्षित प्रसव करवाया गया है।