देहरादून के केदारपुरम स्थित कांजी हाउस समेत शहर भर में जुलाई महीने में 102 मवेशियों की मौत हो गई। इनमें से 13 मवेशियों की मौत नगर निगम के कांजी हाउस में अव्यवस्थाओं के बीच हुई। नगर निगम के यह आंकड़े साबित कर रहे हैं कि सड़कों को घूम रहे इन बेसहारा बेजुबान जानवरों की चिंता न सरकार को है और न सामाजिक संस्थाओं को। उधर, मेयर सुनील उनियाल गामा ने इस मामले को गंभीर मानते हुए जांच का आदेश जारी कर दिया है।
राजधानी में जुलाई महीने में रोजाना तीन से अधिक मवेशियों की मौत हुई। इसके बावजूद किसी स्तर पर कोई चिंता नजर नहीं आई। नगर निगम में वार्डों की संख्या 60 से बढ़कर 100 हो चुकी है। लेकिन, बेसहारा मवेशियों के लिए अब भी एक ही कांजी हाउस है। शहर में ही सड़कों पर आठ हजार से अधिक मवेशी घूम रहे हैं। निगम की टीम उन्हें कांजी हाउस पहुंचाकर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर लेती है। केदारपुरम स्थित कांजी हाउस में मवेशियों के लिए कोई खास व्यवस्था नहीं है। 19 जनवरी को मेयर सुनील उनियाल गामा के निरीक्षण में भी यह बात साबित हुई थी। तब अव्यवस्थाओं को देख उन्होंने कड़ी नाराजगी जताते हुए सुधार का निर्देश दिया था। लेकिन, न हालात नहीं बदले।
कांजी हाउस में 500 मवेशियों को रखने की व्यवस्था है, लेकिन यहां हालात इतने बदतर हैं कि फिलहाल यहां 200 मवेशी भी जैसे तैसे रह रहे हैं। चारों तरफ कीचड़ होने के कारण मवेशी खड़े रहते हैं। उन्हें पर्याप्त चारा तक नहीं मिलता। स्थानीय निवासी गोविंद कहते हैं कि कांजी हाउस में मवेशियों की सही तरीके से देखभाल नहीं होती। स्थानीय निवासी सुशील का कहना है कि यहां के कर्मचारियों का व्यवहार भी अच्छा नहीं है।
बरसात के मौसम में इंफेक्शन की संभावना अधिक रहती है, जो मवेशियों की मौत की वजह बनता है। मवेशी दूध देना बंद कर दे या बीमार हो जाए तो लोग भी उन्हें सड़कों पर छोड़ देते हैं। ऐसे ज्यादातर मवेशी कुछ ही दिनों दम तोड़ देते हैं।
-डॉ. विवेकानंद सती, पशु चिकित्साधिकारी
जुलाई महीने में 105 मवेशियों की मौत का मामला गंभीर है। इनमें से 13 मवेशी कांजी हाउस में मरे हैं, मामले की जांच कराई जाएगी। मामले में जो भी अधिकारी और कर्मचारी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं, वार्डों का दायरा बढ़ गया है, ऐसे में कांजी हाउस के लिए भी बड़ी जगह की व्यवस्था की जाएगी।
- सुनील उनियाल गामा, मेयर
मामला संज्ञान में है। मवेशियों का इतनी संख्या में मरना चिंताजनक है। इसे लेकर पशु चिकित्साधिकारी से जवाब मांगा जाएगा। कांजी हाउस की समस्याओं को भी दूर किया जाएगा।
- विनय शंकर पांडेय, नगर आयुक्त