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देहरादून : भगवान महावीर की भव्य शोभायात्रा निकाली

Thu, 18 Apr 2019 09:34 AM IST
देहरादून ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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भगवान महावीर स्वामी के 2618वें जन्म कल्याणक महोत्सव में जैन समुदाय की ओर से बुधवार को धूमधाम से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा के मुख्य रथ को भव्य रूप से सजाया गया था। इससे पहले क्षुल्लक रत्नप 105 समर्पण सागर महाराज ने श्री दिगंबर जैन पंचायती मंदिर व जैन भवन में विशेष पूजा-अर्चना की। इस दौरान पुलिस की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।

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शोभायात्रा के दौरान समुदाय के लोग धवल वस्त्र धारण कर हाथ में झंडा लेकर चल रहे थे। महिलाओं, बच्चों से लेकर बुजुर्गों ने सभी लोगों को धर्म के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। इससे पहले जैन भवन में भगवान महावीर की मूर्ति को विशेष स्नान कराने के बाद अभिषेक किया गया। जिसके बाद मूर्ति को रथ पर विराजमान कर शोभायात्रा निकाली गई। जैन भवन से शुरू हुई शोभायात्रा सहारनपुर चौक, झंडा बाजार, अखाड़ा मोहल्ला, सब्जी मंडी, मोती बाजार, पलटन बाजार, घंटाघर, डिस्पेंसरी रोड, सराफा बाजार, पीपल मंडी, राजा रोड से महाराजा अग्रसेन चौक होते हुए जैन भवन पर संपन्न हुई। यात्रा में श्रद्धालु बूंदाबांदी में भजनों पर झूमते, नाचते चल रहे थे। शोभायात्रा में देशभक्ति गीतों से शहीदों को नमन किया गया। भजन गायकों ने ऐ वतन तेरे लिए, ये देश है वीर जवानों का... जैसे आदि गीतों से अमर शहीदों को नमन किया।

इस अवसर पर जैन भवन के अध्यक्ष विनोद जैन, महामंत्री हर्ष जैन, मंत्री संजय जैन, जैन भवन के प्रधान प्रवीण जैन, मंत्री संदीप जैन, मीडिया प्रभारी मंजू जैन, अजित जैन, विनय जैन, सुरेश जैन, सुधीर जैन, बीना जैन, राजीव जैन, ऋषभ, सतीश जैन आदि मौजूद रहे।
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जगह-जगह हुआ स्वागत
जैन भवन से शुरू हुई भगवान महावीर स्वामी की शोभायात्रा शहर के विभिन्न इलाकों से होते हुए गुजरी। इस दौरान लोगों ने कई जगह शोभायात्रा का स्वागत किया। इस मौके पर सजाई गई विभिन्न झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। शोभायात्रा के लिए भगवान महावीर का रथ भव्य रूप से सजाया गया था।

संसार और आत्म कल्याण के भगवान महावीर ने त्यागा था गृह
क्षुल्लक रत्न 105 समर्पण सागर महाराज ने कहा कि भगवान महावीर कहते हैं कि धर्म सबसे उत्तम मंगल है। अहिंसा, संयम और तप ही धर्म है। महाराज ने कहा कि भगवान महावीर ने संसार और आत्म कल्याण के लिए 30 वर्ष की उम्र में गृह त्यागा था। महावीर ने अपने प्रवचनों में धर्म, सत्य, अहिंसा, अपरिग्रह और क्षमा पर सबसे अधिक जोर दिया। ये पांचों उनके सिद्धांत हैं। महावीर जयंती जैन समुदाय का सबसे प्रमुख पर्व है। महावीर स्वामी का जन्म ईसा से 599 वर्ष पूर्व बिहार के वैशाली, कुंडलीग्राम में लिच्छवी वंश के राजा सिद्धार्थ और माता त्रिशला देवी के यहां हुआ था। इस मौके पर समर्पण सागर महाराज ने युवाओं को नशे से बचने और शाकाहार अपनाने का आह्वान किया।

सामूहिक आरती के साथ झुलाया पालना
शोभायात्रा के बाद शाम को जैन भवन में सामूहिक आरती के साथ महिला जैन मिलन मूकमाटी व जिनवाणी जाग्रति मंच ने भगवान महावीर का पालना झुलाया। इस मौके पर भजन गायकों ने विभिन्न भजनों की प्रस्तुति से माहौल भक्तिमय हो गया।

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