दूसरी जगह नहीं लगाई जाएगी वनकर्मियों की ड्यूटी
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। प्रमुख सचिव आनंद वर्धन ने सभी जिलाधिकारियों को आदेश जारी किया है कि वन विभाग के ऐसे कर्मचारी जो सीधे तौर पर जंगलों की आग बुझाने से जुडे़ हैं, उनकी ड्यूटी अन्यत्र न लगाई जाए। उन्हें अपने स्थान पर ही रहने दिया जाए ताकि जंगलों में आग लगने पर मानव संसाधन की कमी न हो।
प्रमुख सचिव वन की ओर से जारी आदेश में यह भी कहा गया है कि वन विभाग की गाड़ियों का अधिग्रहण भी न किया जाए। उन्होंने सभी प्रभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में गश्त में तेजी लाएं, ताकि आग लगने की घटनाओं की तत्काल जानकारी मिल सके और समय रहते आग पर काबू पाया जा सके।
उल्लेखनीय है कि गर्मी के दौरान राज्य के जंगलों में बड़े पैमाने पर आग लगने की घटनाएं होती हैं। वनाग्नि से जंगलों के साथ ही वन्यजीवों का भी भारी नुकसान होता है। वनाग्नि पर काबू पाने के लिए विभागीय अधिकारियाें, कर्मचारियों के साथ ही एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की भी मदद लेनी पड़ती है। साल 2018 में पूरे राज्य में जंगलों में आग लगने की 2150 घटनाएं हुईं जिनमें 4480 हेक्टेयर जंगलों को नुकसान पहुंचा था। जंगलों को आग से बचाने को वन विभाग की ओर से इस साल 1437 क्रू स्टेशनों की स्थापना के साथ ही 174 वाच टावरों का निर्माण किया गया है।