ब्यूरो/अमर उजाला।
देहरादून। जिला पंचायत बोर्ड बैठक में एक दंपति से वृद्धा पेंशन की रिकवरी के आदेश पर पंचायत सदस्यों ने जमकर हंगामा किया। आरोप लगाया कि समाज कल्याण विभाग ने दो साल में दंपति को 24-24 हजार रुपये पेंशन दी। अब अधिकारी इसे गलत तरीके से जारी होने की बात कहते हुए 55-55 हजार रुपये रिकवरी के आदेश जारी किए हैं। विभाग ने ही पेंशन जारी कि ऐसे में रिकवरी भी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से ही होनी चाहिए।
सोमवार को सहस्त्रधारा रोड स्थित जिला पंचायत कार्यालय में जिला पंचायत अध्यक्ष चमन सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में पंचायत सदस्य मेघ सिंह ने यह मुद्दा उठाया। समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बचाव में कहा कि गलत तरीके से पेंशन जारी की गई है। जांच पड़ताल में पता चला है कि दंपति वृद्धा पेंशन का हकदार ही नहीं है। ऐसे में उससे रिकवरी की जाएगी। इस पर सदस्यों ने कहा इसके लिए अधिकारी और कर्मचारी ही जिम्मेदार हैं। उन्हें पड़ताल कर पेंशन जारी करनी चाहिए थी। यह विभाग की लापरवाही है। जैसे-तैसे मामला शांत हुआ।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2018-19 के 71.96 करोड़ के पुनरीक्षित बजट और 58.83 करोड़ रुपये के आय-व्यय बजट को मंजूरी दी गई। इसमें सदस्यों ने कहा कि लोक निर्माण विभाग, एनएचएआई, राष्ट्रीय राजमार्ग समेत अन्य निर्माणदायी संस्थाओं की ओर से सड़कों के किनारे जो नालियां बनाई जा रही हैं उन्हें ढका नहीं जा रहा है। इससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। निर्णय लिया गया कि इस संबंध में संबंधित विभागों को भी अवगत कराया जा चुका है। बैठक के दौरान सदस्यों ने आवारा पशुओं का मुद्दा जोरशोर से उठाया। बताया गया कि आवारा पशु फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इस पर बैठक में निर्णय लिया कि जिले के सभी ब्लॉकों में आवारा पशुओं को रखने के लिए एक-एक कांजी हाउस बनाया जाए।
सड़कों पर बने अवरोधक हटेंगे
जिला पंचायत बोर्ड बैठक में निर्णय लिया गया कि जिन जगहों पर सड़कों पर अवरोधक की जरूरत नहीं है। ऐसे सभी अवरोधकों को तत्काल प्रभाव से हटाया जाएगा। अत्यधिक अवरोधक होने से भी दुर्घटनाएं हो रही हैं। इस संबंध में संबंधित विभागोें से लिखापढ़ी की जाए। बैठक में अध्यक्ष चमन सिंह, उपाध्यक्ष डबल सिंह कंडारी, विधायक उमेश शर्मा काऊ, मधु चौहान, मेघ सिंह, सुनील पुंडीर, मंजू डोभाल, टीना सिंह, अपर मुख्य अधिकारी आरकेएन त्रिपाठी, कार्याधिकारी संजय खंडूरी आदि उपस्थित रहे।