ब्यूरो/अमर उजाला।
देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रिस्पना को ‘जिंदा’ कराने में मदद करेंगे। यह कहना है मन की बात के 50वें संस्करण में हिस्सा लेकर लौटीं दून की गायत्री का। गायत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी से उनकी मुलाकात तो नहीं हो पाई, लेकिन दूरदर्शन ने उनके अनुभव रिकॉर्ड किए हैं। उनके अनुभव प्रधानमंत्री तक जरूर पहुंचेंगे।
दीपनगर निवासी बीए प्रथम वर्ष की छात्रा गायत्री ने गत वर्ष मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फ ोन पर बात कीं थीं। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री से गंदगी से मरणासन्न हालत में पहुंची रिस्पना नदी की पीड़ा बयां कीं थीं। बातचीत के रिकार्ड किए गए संदेश को मन की बात में प्रधानमंत्री ने पूरे देश को सुनाया था। तभी से गायत्री समेत पूरे दून की उम्मीद रिस्पना के पुनर्जीवन को लेकर बढ़ गई थी। मन की बात के 50वें संस्करण में शामिल होने का जब गायत्री को निमंत्रण मिला तो शहरवासियों की उम्मीदें फि र जाग उठीं। उत्साह से भरी गायत्री शनिवार शाम हवाई सेवा से दिल्ली पहुंची। गायत्री ने बताया कि उसके बाद उन्हें दूरदर्शन के स्टूडियो में ले जाया गया। वहां उनके अनुभव रिकॉर्ड किए गए। उसमें गायत्री ने रिस्पना नदी की जस की तस स्थिति को बयां किया। उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री के प्रयास से यह नदी फि र जीवित होगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री इस दिशा में सरकार को कुछ दिशा-निर्देश जरूर जारी करेंगे।