ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून। भारत-नेपाल के बीच प्र्रस्तावित लिंक नहर के निर्माण के लिए वन विभाग 12 हेक्टेयर जमीन देगा । वन विभाग ने इसका प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। अब शासन इसे केेंद्र को भेजेगा।
उल्लेखनीय है कि भारत-नेपाल के बीच सिंचाई के लिए एक लिंक नहर का निर्माण किया जाना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेपाल यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच इस लिंक नहर के निर्माण पर सैद्धांतिक सहमति बनी थी। चंपावत के टनकपुर बैराज से इस नहर को निकाला जाना है, लेकिन नहर निर्माण के लिए वन विभाग की जमीन बड़ी बाधा बनी हुई थी। लेकिन अब यह बाधा दूर हो गई है। वन विभाग नहर निर्माण के लिए 12 हेक्टेयर जमीन देने पर राजी हो गया है। मुख्य वन संरक्षक मनोज चंद्रन ने बताया कि इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया है। शासन इस पर सहमति जताते हुए केंद्र सरकार को भेजेगा। जहां ‘रीजनल इंपावर्ड कमेटी’ इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय लेगी। मनोज चंद्रन ने बताया पांच हेक्टेयर से अधिक वन विभाग की जमीन देने के लिए केंद्र सरकार के पास प्रस्ताव भेजा जाता है। गौरतलब है कि भारत-नेपाल के बीच बनने वाली इस नहर के निर्माण की जिम्मेदारी एनएचपीसी (नेशनल हाईड्रो पावर कारपोरेशन) को सौंपी गई है।