फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खाते में 25,539 रुपये, कहां गया सदस्यता शुल्क?

विज्ञापन
विज्ञापन
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन

उत्तराखंड सचिवालय संघ का चुनाव संपन्न हुए दो महीने से अधिक हो गए हैं, मगर संघ के खाते में सदस्यता शुल्क जमा नहीं हुआ है। नव निर्वाचित पदाधिकारियों ने जब खाते की जांच की पता चला कि संघ और कर्मचारी कल्याण कोष के खाते में चार लाख रुपये की एक एफडी और 25,539 रुपये ही जमा हैं, जबकि चुनाव अधिकारियों को मानदेय भी नहीं दिया गया है।
इसे लेकर सचिवालय संघ के महासचिव राकेश जोशी ने तत्कालीन अध्यक्ष, महासचिव, और कोषाध्यक्ष को नोटिस जारी कर उनसे खातेे का हिसाब देने को कहा है। उत्तराखंड सचिवालय संघ और कर्मचारी कल्याण कोष के खाते में 1028 सदस्यों के शुल्क के हिसाब से 2,05,600 रुपये की धनराशि जमा होनी चाहिए थी। संघ महासचिव राकेश जोशी ने इस संबंध में तत्कालीन अध्यक्ष दीपक जोशी (जो वर्तमान में भी अध्यक्ष हैं) के अलावा तत्कालीन महासचिव प्रदीप पपनै और तत्कालीन कोषाध्यक्ष को नोटिस भेजकर सचिवालय के खाते में धनराशि का हिसाब-किताब साफ करने को कहा है। यह नोटिस भी उन्होंने पूर्व ऑडिटरअनिल उनियाल की शिकायत पर दिया, जिन्होंने संघ के हिसाब किताब में शंका जाहिर की थी। नोटिस में कहा गया है कि इस साल हुए चुनाव में करीब 1028 कार्मिकों के द्वारा सचिवालय संघ व कर्मचारी कल्याण कोष में 200 रुपये की दर से 2,05,600 रुपये जमा कराए गए थे। लेकिन संघ के खाते में यह धनराशि जमा नहीं कराई गई। पिछली कार्यकारिणी के 13,807 रुपये उत्तराखंड सचिवालय के खाते में और कर्मचारी कल्याण कोष में 11,732 रुपये हैं। यानी खातों में कुल 25539 रुपये शेष हैं। चार लाख रुपये की एक एफडी है। संघ ने खाते में से 24 जनवरी 2018 से 28 मार्च 2018 के मध्य 1,12,485 रुपये धनराशि निकाले जाने पर भी सवाल उठाए हैं।
विज्ञापन

----------------
ऑडिटर की शिकायत पर जारी हुए नोटिस
सचिवालय संघ के पूर्व ऑडिटर अनिल उनियाल की शिकायत पत्र सचिवालय संघ ने तत्कालीन पदाधिकारियों को नोटिस जारी किए। उन्होंने सचिवालय संघ खाते की कैश बुक में परिवर्तन करने और बिलों में संशोधन करने को लेकर सवाल उठाए और प्रकरण की जांच की मांग की। उनकी शिकायत पर संघ के महासचिव ने तत्कालीन पदाधिकारियों को नोटिस भेजे।
...................
जमा नहीं किया गया 101 सदस्यों का शुल्क
सचिवालय संघ के तत्कालीन कोषाध्यक्ष अजय कुमार को दिए गए नोटिस के जवाब से खुलासा हुआ कि मतदाता सूची में 101 ऐसे सदस्यों के नाम भी शामिल थे, जिन्होंने सदस्यता शुल्क नहीं दिया था। अपने जवाब में उन्होंने लिखा कि अंतिम निर्वाचन सूची बनाते समय 101 सदस्यों के नाम सूची में शामिल किए गए थे, परंतु सदस्यों की सदस्यता शुल्क प्राप्त नहीं हुआ। 101 सदस्यों के सदस्यता शुल्क की धनराशि पर्चियों का पुन: मिलान कर धनराशि उपलब्ध करा दी जाएगी।
विज्ञापन

..........
बगैर शुल्क जमा किए नहीं हो सकता सूची में नाम
सचिवालय संघ के पूर्व अध्यक्ष नरेंद्र प्रसाद रतूड़ी का कहना है कि संघ के चुनाव का नियम यह है कि ऐसे किसी भी सदस्य का नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं हो सकता, जिसने 200 रुपये सदस्यता शुल्क जमा न किया हो। यह उन 927 सदस्यों के साथ भी अन्याय है जिन्होंने शुल्क जमा करने के बाद मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराया।
----------------
सदस्यता शुल्क को लेकर कोई विवाद नहीं है। पर्चियों का मिलान करके धनराशि जमा करा दी जाएगी। चुनाव में खेल या घपले जैसी कोई बात नहीं है।
-अजय कुमार, तत्कालीन कोषाध्यक्ष, सचिवालय संघ
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें