ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
महिला पंचायत प्रतिनिधियों एवं कर्मचारियाें के लिए पंचायतीराज विभाग की ओर से सर्व चौक स्थित एक सभागार में आयोजित तीन दिवसीय अभिनव प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन बृहस्पतिवार को हुआ। प्रशिक्षण के अंतिम दिन प्रतिभागियों ने दून जिले की आदर्श ग्राम पंचायतों का भ्रमण किया और अपनी पंचायतों से जुड़े अनुभव साझा किए। समापन अवसर पर प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र भी वितरित किए गए।
इस अवसर पर निदेशक पंचायतीराज एचसी सेमवाल ने कहा कि विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों के साथ प्रतिभागियों का संवाद स्थापित कर लक्ष्य समूहों का कौशल विकास किया जा रहा है। इससे उत्तराखंड के ग्रामीण एवं पिछड़े क्षेत्रों तक जानकारी का प्रसार संभव हो सकेगा। डॉ. पूनम मैठाणी ने कहा कि महिलाओं को अपने कार्यों के साथ स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होना होगा। उत्तरकाशी से प्रतिभाग कर रहीं प्रधान पूनम रमोला एवं रुद्रप्रयाग की संतोषी नेगी ने ग्राम पंचायत डाकपत्थर भ्रमण के अनुभव साझा किया। पिथौरागढ़ की दीपा देवी बागेश्वर की विमला देवी एवं पौड़ी की मीनाक्षी रावत द्वारा सहसपुर ब्लॉक में बाल पोषाहार यूनिट एवं पंडितवाड़ी में सेनेटरी नैपकिन यूनिट के अनुभव साझा किए। संयुक्त निदेशक डीपी देवराड़ी ने कहा कि अभिनव प्रशिक्षण की इस शृंखला में विशेषज्ञों के व्याख्यान के साथ शैक्षणिक भ्रमण का अवसर दिया जाता है। इससे सीखने और समझने की प्रक्रिया तेजी से बढ़ती है। सहायक निदेशक मनोज कुमार तिवारी ने बताया कि ग्राम पंचायतों के विकास योजनाओं के निर्माण में आशा और आंगनबाड़ियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। वित्त नियंत्रक प्रतिभा पैन्यूली ने महिलाओं से राज्य व केंद्र सरकार की योजनाओं की जानकारी और लाभ लेने की अपील की। इस मौके पर सहायक लेखा अधिकारी आशा राम कुमेड़ी, डीपीआरओ एम. जफर खान, सीपी सुयाल, सतपाल राणा, श्रति काला, अंतरा, प्रद्युम्न, प्रकाश रतूड़ी समेत विभिन्न 95 विकासखंडों की 300 महिला प्रतिभागी मौजूद रहीं।