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दून में भारत बंद का आंशिक असर

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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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एससी-एसटी एक्ट संबंधी सुप्रीम कोर्ट के आदेश के विरोध में भारत बंद का राजधानी में आंशिक असर रहा। इसके तहत दलित संगठनों ने सोमवार को डीएल रोड बाजार बंद कराया। वहीं, अन्य बाजारों में भी बंद का आंशिक असर देखने को मिला। दलित शोषण मुक्ति मोर्चा, एसएफआई और अंबेडकर युवक संघ के कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी करनपुर, राजपुर रोड, घंटाघर होते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और डीएम के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन भेजा।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि केंद्र सरकार दलित हितों की अनदेखी कर रही है। एससी, एसटी एक्ट में बदलाव कर उनके अधिकारों को समाप्त किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दलितों के खिलाफ हो रहे अत्याचारों को रोका जाए। भीम आर्मी के मुखिया चंद्रशेखर को बगैर शर्त रिहा किया जाए। निजी क्षेत्र में भी आरक्षण लागू कर बैकलॉग नियुक्तियां की जाएं। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार आरएसएस के इशारे पर संविधान से छेड़छाड़ कर रही है। निजी क्षेत्र में रिक्त शत प्रतिशत पदों को सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों से भर दिया गया है। वहीं, समाज के लोगों के लिए चलाई जा रही योजनाओं में भारी कटौती की जा रही है।
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प्रदर्शनकारियों में दलित शोषण मुक्ति मोर्चा के संयोजक महेंद्र सामवेदी, डीएवी छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष लेखराज, दौलत कुंवर, आंबेडकर युवा संघ के अमित कुमार, एसएफ आई के प्रांतीय सचिव देवेंद्र रावल, जिला सचिव राजेश चौहान, सहसचिव हिमांशु चौहान, नौजवान सभा के गगन, मनीष जैन, शैलेंद्र परमार, सुमन, भाग्यश्री, अनीता, ललित, संजय आदि शामिल रहे।
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