अवैध प्लाटिंग पर कसेगा शिकंजा
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
शहर अनेक जगहों पर हो रही अवैध प्लॉटिंग को रोकने के लिए सरकार एक नया फार्मूला लाने जा रही है। इसके अनुसार कहीं भी अवैध प्लॉटिंग की सूचना मिलने पर एमडीडीए जैसे ही संबंधित कॉलोनाइजर और प्रॉपर्टी डीलर को नोटिस भेजेगा, उसकी जमीन का खसरा नंबर लॉक हो जाएगा। फिर तब तक वह जमीन को नहीं बेच सकेगा, जब तक कि एमडीडीए में उसका निस्तारण नहीं हो जाता।
राजधानी बनने के बाद से शहर और आसपास के इलाकों में जमीनों की खरीद-फरोख्त कई गुना बढ़ चुकी है। बड़े पैमाने पर अवैध प्लॉटिंग और जमीन की खरीद-फरोख्त भी हो रही है। ऐसे मामलों में शिकायत मिलने पर एमडीडीए संबंधित कॉलोनाइजर और प्रॉपर्टी डीलर को नोटिस भेजता है। इसके बाद एक के बाद एक कई नोटिस भेजे जाते हैं। संबंधित कॉलोनाइजर और प्रॉपर्टी डीलर को उसका पक्ष रखने का भी समय दिया जाता है। पूरे मामले की सुनवाई होती है, जिसके बाद फैसला लिया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया में कई बार एक से दो साल तक का समय भी लग जाता है। इस अवधि में कॉलोनाइजर और डीलर पूरी प्लॉटिंग को बेच चुके होते हैं। ऐसे में प्लॉटिंग अवैध होने पर जब एमडीडीए उसे ध्वस्त करता है तो जमीन खरीदने वालों को नुकसान झेलना पड़ता है।
लोग इनके चक्कर में पड़कर अपना धन न गवाएं और अवैध प्लॉटिंग पर रोक लगे इसके लिए सरकार इस फार्मूले पर काम कर रही है। इसके अनुसार, पहला नोटिस जाने के तुरंत बाद संबंधित खसरा नंबर को लॉक कर दिया जाएगा। सब रजिस्ट्रार कार्यालय के ऑनलाइन रिकॉर्ड में खसरा लॉक होने के बाद उसमें किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं हो सकेगी। यह रोक तब हटेगी जब मामले में सुनवाई या लेआउट पास होने की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
आईएमए के पास हो रही अवैध प्लॉटिंग
यूं तो शहर के सभी इलाकों में अवैध प्लॉटिंग हो रही है लेकिन आईएमए से लगे क्षेत्रों में इनकी बाढ़ आई हुईं है। आलम यह है कि आईएमए के निकट अवैध ढंग से प्लाटिंग की जा रही है। कई लोगों ने वहां कॉलोनियां काटकर मकान तक बनवाने शुरू कर दिए हैं। एमडीडीए से लेआउट पास न होने के बावजूद खरीदारों को धोखे में रखकर जमीन बेची जा रही है। मलूकावाला, हरबंशवाला, जैंतनवाला, बडोवाला, प्रेमनगर, पलवल और उससे लगे क्षेत्रों में इन दिनों बड़े पैमाने पर अवैध प्लॉटिंग हो रही है।