ब्यूरो /अमर उजाला /ऋषिकेश।
प्रदेशभर के सरकारी अस्पतालों के रिक्त पदों पर चिकित्सकों की नियुक्ति की मांग को लेकर राइट टू हेल्थ संस्था का आमरण-अनशन बृहस्तपतिवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी के आश्वासन के बाद स्थगित कर दिय गया। वहीं अनशनकारियों ने 15 अप्रैल तक चिकित्सकों की तैनाती नहीं होने पर दोबारा अनशन शुरू करने की चेतावनी दी है। चिकित्सकों की नियुक्ति की मांग को लेकर एसपीएस राजकीय अस्पताल परिसर में चल रहा राइट टू हेल्थ संस्था का आमरण अनशन बृहस्पतिवार को सातवें दिन भी जारी रहा। दोपहर बाद उपजिलाधिकारी हर गिरि धरनास्थल पर पहुंचे। जहां उन्होंने आंदोलनकारियों को मुख्य चिकित्साधिकारी देहरादून की ओर से स्वास्थ्य महानिदेशक, उत्तराखंड से हुई वार्ता की जानकारी दी। इस दौरान बताया गया कि प्रदेशभर में सात सौ चिकित्सकों की भर्ती प्रक्रिया जल्द पूर्ण की जानी है। प्रक्रिया के तहत राजकीय चिकित्सालय ऋषिकेश में रिक्त पदों पर चिकित्सकों की तैनाती की जाएगी। इसके बाद आंदोलनकारी मान गए और अनशन आंदोलन स्थगित करने की घोषणा की। इसके बाद उपजिलाधिकारी ने अनशनकारी अरविंद हटवाल, चंद्रमोहन भट्ट, गौरव राजपूत, उत्तम सिंह असवाल, विनोद जुगलाण, करण चंद गुसाईं, राज्य आंदोलनकारी सरोजनी थपलियाल और चंद्रकांता जोशी को जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया। वहीं गढ़वाल महासभा के प्रदेेश अध्यक्ष डॉ. राजे नेगी ने 15 अप्रैल तक रिक्त पदों पर चिकित्सकों की तैनाती नहीं होने पर दोबारा आमरण अनशन की चेतावनी दी। इस मौके पर डॉ. आशुतोष डंगवाल, जयदत्त शर्मा, कुसुम जोशी, जयेंद्र रमोला, नवीन मोहन शर्मा, महावीर उपाध्याय, राकेश मियां, यशपाल असवाल, रूपचंद जखमोला, आशीष रणाकोटी, सरस्वती गोदियाल, गीता कैंतुरा, ऊषा रावत, ममता भंडारी, कमल जोशी, सुरेंद्र सजवाण, सुनीता देवी आदि मौजूद रहे।