ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय ने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मुकुल काला को कार्यमुक्त कर दिया है। मुकुल यहां प्रतिनियुक्ति पर तैनात थे। तीन माह पहले कार्यकाल खत्म होने के बाद भी वह इस पद पर काम कर रहे थे। इसके लिए उन्हें कोई वेतन भी नहीं दिया जा रहा था। अब विश्वविद्यालय प्रशासन ने साफ किया है कि एक सप्ताह के भीतर कार्यालय खाली नहीं किया तो तीन सदस्यीय समिति बनाकर उनके कार्यालय का ताला तोड़ दिया जाएगा।
मुकुल काला शिक्षा विभाग से कई वर्ष पहले वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के पद पर आयुर्वेद विवि में प्रतिनियुक्ति पर आए थे। उनकी प्रतिनियुक्ति खत्म हो चुकी थी, लेकिन वह कार्यालय छोड़ने को तैयार नहीं हुए। तीन महीने से वह बिना वेतन ही इस पद पर काम कर रहे थे। अब विवि प्रशासन ने मामले में कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। विवि के कुलसचिव अनूप कुमार गक्खड़ ने आदेश जारी किया है कि वह इस नोटिस के सात दिन के भीतर अपना काम प्रधान सहायक हरिश्चंद्र गुप्ता को सौंप दें। इसके बाद भी अगर वह नहीं माने तो विवि की ओर से तीन सदस्यीय समिति गठित की जाएगी।
यह समिति तत्काल मुकुल काला के कार्यालय का ताला तोड़ देगी। इसके बाद एकतरफा चार्ज ग्रहण कर लिया जाएगा। हालांकि, इससे पहले छह अक्तूबर 2017 को कुलसचिव प्रो. गक्खड़ ने उनकी प्रतिनियुक्ति और प्रमोशन के हिसाब से दूसरे पद की जिम्मेदारी देने पर एनओसी जारी की थी। मुकुल काला को प्रतिनियुक्ति नहीं मिल पाई। लिहाजा, उन्हें लगातार चार्ज देने के लिए कहा जा रहा था। जब वह नहीं माने तो उनके खिलाफ यह कार्रवाई अमल में लाई गई।