ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
नगर निगम की वेंडर पॉलिसी दो साल बाद भी धरातल पर नहीं उतर पाई है। वर्ष 2016 में बनाई गई योजना कागजों तक सिमट कर रह गई है। निगम के सर्वे में 3500 वेंडर चिह्नित किए गए थे। जिन्हें पिछले वर्ष निर्धारित 22 वेंडिंग जोन में शिफ्ट करना था, जो अभी तक नहीं हो सके हैं।
शहर की सड़कों में बढ़ती फड़-ठेलियों को वेंडिंग जोन में शिफ्ट करने को लेकर निगम ने वर्ष 2016 में वेंडर पॉलिसी बनाई थी। वेंडिंग जोन को लेकर नासिवी संस्था की ओर से सर्वे भी कराया गया था। दो चरणों में हुए सर्वे में कुल 3500 वेंडर चिह्नित किए गए थे। जिन्हें अप्रैल 2017 में वेंडिंग जोन में शिफ्ट किया जाना था। वेंडरों को कार्ड और कोड भी जारी किए गए, लेकिन योजना ठंडे बस्ते में चली गई। ऐसे में शहर की सड़कों पर ठेली के जरिये अतिक्रमण अब भी बरकरार है।
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वेंडिंग जोन में दी जानी थीं सुविधाएं
निगम के अधिकारियों के मुताबिक वेंडिंग जोन में वेंडरों को तमाम सुविधाएं भी दी जानी थीं, यहां पानी के साथ ही टिन शेड आदि की भी व्यवस्था की जानी थी।
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वेंडिंग जोन को लेकर नगर निगम के साथ ही पुलिस की भी भूमिका अहम है। जल्द ही उनके साथ वार्ता कर वेंडिंग जोन पर काम शुरू कराया जाएगा।
- नीरज जोशी, अपर नगर आयुक्त