ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून।
आरटीओ देहरादून में फिटनेस फेल वाहनों का जुर्माना माफ करने के मामले में एक लेखाकार पर गाज गिर गई है। अपर परिवहन आयुक्त ने लेखाकार का तबादला हरिद्वार एआरटीओ कार्यालय में कर दिया है। जांच में उक्त लेखाकार के लॉगइन आइडी से जुर्माना माफ करने की बात सामने आने पर विभाग की ओर से कार्रवाई की गई है। इससेे पूर्व परिवहन सचिव डी. सेंथिल पांडियन के निर्देश पर सोमवार सुबह आरटीओ दून पहुंचकर मामले की जांच-पड़ताल की थी।
आरटीओ देहरादून में करीब 100 गाड़ियों की फिटनेस फेल होने के बाद लगे जुर्माने को अवैध तरीके से माफ करने का मामला उजागर हुआ था। मामले में परिवहन सचिव डी. सेंथिल पांडियन ने अपर परिवहन आयुक्त सुनीता सिंह से रिपोर्ट तलब की थी। सोमवार सुबह अपर परिवहन आयुक्त मामले की पड़ताल करने को आरटीओ कार्यालय पहुंची और जानकारी जुटाई। देर शाम मामले में उन्होंने आरटीओ कार्यालय में तैनात लेखाकार महेंद्र कुमार को तबादला हरिद्वार एआरटीओ कार्यालय में कर दिया। उन्होंने अपने आदेश में कहा है कि जून 2017 से नवंबर 2017 के बीच वाहनों की फिटनेस के लिए फीस निर्धारण संबंधी कार्य लेखाकार महेंद्र कुमार की लॉगइन आईडी से हुआ है। प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए उन्हें हरिद्वार तबादला किया गया है।
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17 वाहनों में पकड़ी गड़बड़ी
देहरादून।
आरटीओ देहरादून में वाहनों की फिटनेस जुर्माना घोटाले की जांच में एआरटीओ प्रशासन अरविंद पांडेय ने सोमवार 100 वाहनों पत्रावलियों की जांच की। इनमें 17 वाहनों में गड़बड़ी पकड़ी गई। एआरटीओ के मुताबिक अन्य वाहनों की भी जांच की जा रही है।
अरविंद पांडेय ने बताया कि प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में एनआईसी के साफ्टवेयर की गड़बड़ी होने की आशंका है। इसको लेकर एनआईसी की मदद ली जा रही है। एआरटीओ के मुताबिक पूर्व में सभी वाहनों पर 50 रुपये रोजाना फिटनेस जुर्माना लगाने की व्यवस्था लागू की गई थी। जो वाहन आरटीओ में सरेंडर थे उनके स्वामियों ने इसका विरोध किया। वाहन मालिकों का विरोध जताने पर सरकार ने सरेंडर वाहनों को जुर्माने से मुक्त कर दिया। इससे सरेंडर वाहनों के साथ दूसरे वाहनों का जुर्माना माफ हो गया। उधर, आरटीओ सुधांशु गर्ग का कहना है कि सरेंडर वाहनों को छोड़कर बाकी जिन वाहनों की फिटनेस जुर्माना राशि जमा नहीं हुई है उनके वाहन स्वामियों से दोबारा राशि जमा करवाई जाएगी। जांच पूरी होने के बाद वाहन स्वामियों को विभागीय स्तर पर जुर्माना जमा करवाने के लिए पत्र जारी किए जाएंगे।
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तबादले पर उठाए सवाल
आरटीओ दून में हुए फिटनेस जुर्माना घोटाले में लेखाकार महेंद्र कुमार के हरिद्वार तबादले पर महानगर सिटी बस सेवा महासंघ के अध्यक्ष विजय वर्धन डंडरियाल ने सवाल उठाए है। उनका कहना है कि उक्त लेखाकार ने इससे पहले साल 2013 में लाइसेंस घोटाला किया था, इसके बाद भी हरिद्वार तबादला किया जाना समझ से परे है। उन्होंने लेखाकार को बड़े अफसरों का संरक्षण हासिल होने का आरोप लगाया है।