हरिद्वार में होने वाले अर्द्धकुंभ (2016) मेले के लिए राज्य सरकार ने प्राथमिकता वाले कार्यों के लिए सौ करोड़ जारी कर केंद्र सरकार को एक हजार करोड़ रुपए का प्रस्ताव भेजा है।
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सोमवार को मेले में तत्काल शुरू करने वाले कार्यों के लिए फौरी तौर पर सौ करोड़ रुपये की व्यवस्था के निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री ने सोमवार को बीजापुर राज्य अतिथि गृह में अर्द्धकुंभ मेले की तैयारियों की समीक्षा की।
मेले के लिए ढांचागत सुविधाओं में सड़क, पानी, बिजली, ड्रेनेज, पुल आदि पन्द्रह कार्य कार्य तत्काल शुरू कर दिए जाएंगे। इसके साथ ही सीएम ने स्वच्छ गंगा परियोजना के लिए पांच सौ करोड़ रुपये की भी व्यवस्था की है।
कार्य तत्काल शुरू
सीएम ने बताया कि अर्द्धकुंभ मेले के लिए एक हजार करोड़ रुपये के प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजे गये हैं। कार्य के महत्व को देखते हुए राज्य सरकार ने सौ करोड़ की व्यवस्था अपने स्तर से की है, ताकि जरूरी कार्य तत्काल शुरू हो सकें।
इस धनराशि से ललतारो, ज्वालापुर पुल, खड़खड़ी से भूपतवाला तक एलीवेटेड रोड, सोनाली नदी पर डबल लेन पुल बनाने का कार्य तत्काल शुरू कर दिया जाएगा। सोल क्षेत्र में ब्रह्मकुंड की ओर जाने वाले दो पिलर क्षतिग्रस्त हो गये थे। इन्हें ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में कृषि मंत्री डा. हरक सिंह रावत, नगर विकास मंत्री प्रीतम सिंह, मुख्य सचिव सुभाष कुमार, अपर मुख्य सचिव एस. राजू, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एसएस. संधू, प्रमुख सचिव नागरिक आपूर्ति राधा रतूड़ी, सचिव पर्यटन डा. उमाकांत पंवार, सचिव वित्त भास्करानंद, सचिव नगर विकास डीएस. गर्ब्याल, मेलाधिकारी एवं जिलाधिकारी हरिद्वार डी. सेथिंल पांडियन आदि अधिकारी उपस्थित थे।
सीएस की अध्यक्षता में कमेटी गठित
सीएम ने अर्द्धकुंभ के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है। इस समिति में अपर मुख्य सचिव वित्त के अलावा सचिव नगर विकास और मेलाधिकारी सदस्य होंगें। कमिश्नर की अध्यक्षता में गठित समिति अपने प्रस्ताव उच्च स्तरीय समिति में स्वीकृति के लिए रखेगी। मुख्यमंत्री ने पुराने मेला एक्ट को आज की आवश्यकता के अनुरूप संशोधित करने के भी निर्देश दिए हैं। इसके लिए पर्यटन सचिव, नगर विकास सचिव की समिति बनाई है। मेला एक्ट में संशोधन का प्रस्ताव समिति देगी।