अस्पताल में उनके बेटे अंकुर ने बताया कि ट्रांसपोर्ट में खुद के तीन ट्रक और कई अन्य ट्रक अटैच हैं। करीब पचास वर्षों से वह ट्रांसपोर्ट का काम कर रहे थे। वर्तमान में दोनों भाई भी पिता के साथ-साथ काम कर रहे थे। दर्शन लाल तीन भाइयों में दूसरे नंबर के थे। उनके परिवार में पत्नी मीना सलूजा और बेटे नवीन सलूजा, अंकुर सलूजा और बेटी निधि कपूर हैं।
नियमित सैर पर जाते थे सलूजा
दर्शन लाल सलूजा के बेटे अंकुर सलूजा ने बताया कि उनके पिता नियमित वॉक के लिए पीलीभीत रोड पर घर से मंडी समिति तक जाते थे। हर रोज की तरह वह रविवार को भी सुबह सवा पांच बजे वॉक पर गए थे। घर लौटने से पहले पीलीभीत रोड स्थित दफ्तर गए जहां उनका शव फंदे से लटका मिला।