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नासिक कुंभ में शंकराचार्य करेंगे साईं बाबा पर फैसला

Mon, 01 Sep 2014 03:09 PM IST
अमर उजाला, हरिद्वार
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साईं बाबा को लेकर संत समाज क्या चाहता है इसका असली निर्णय नासिक कुंभ में होगा। षडदर्शन परिषद, अखाड़ा परिषद, भारत साधु समाज सहित वहां होने वाली धर्म संसद के सामने भी यह विषय रखा जाएगा।
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स्वरूपानंद द्वारा बुलाई गई धर्म संसद बेअसर
स्वामी स्वरूपानंद के बयानों के बाद संत समाज में विशेष हलचल नहीं है। स्वरूपानंद ने जो पक्ष रक्षा है उस पर भगवा जगत एक मत भी नहीं है। हाल ही में छत्तीसगढ़ में स्वरूपानंद सरस्वती द्वारा बुलाई गई धर्म संसद असरदार नहीं रही।

देश के किसी भी बड़े संत ने इस संसद में भाग नहीं लिया था। अखाड़ा के प्रतिनिधि जरूर पहुंचे, लेकिन उन्होंने समिति गठित कर विषय को नासिक कुंभ तक के लिए टाल दिया।
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बैरागी संत करेंगे साईं मंदिरों का समर्थन

अब तीन बैरागी अखाड़ों, दो उदासी और एक निर्मल अखाड़े के विरोधी सुर सामने आने के बाद र्साइं बाबा का प्रश्न लटक गया है। देश के किसी भी भाग में धर्म संसद के निर्णय के अनुसार न तो कोई हलचल हुई और न कोई मंदिरों से साईं मूर्तियां हटाने पहुंचा।

इस संबंध में गठित समिति के महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरि ने बताया कि रायपुर के बाद साईं बाबा के बारे में कोई विचार नहीं हुआ। आने वाले दिनों में कोई बैठक भी नहीं बुलाई गई है। अगले वर्ष नासिक में कुंभ हो रहा है।

कईं महत्वपूर्ण फैसले वहीं लिए जाएंगे। उधर, अखाड़ा परिषद और अध्यक्ष श्रीमहंत ज्ञानदास के प्रवक्ता बाबा हठयोगी दिगंबर ने कहा कि अखाड़ों का एक बड़ा वर्ग साईं बाबा के विरुद्ध नहीं है।

साईं बाबा को लेकर यदि भविष्य में कोई बैठक हुई तो बैरागी संत साईं मंदिरों का समर्थन करेंगे।
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साईं बाबा ब्राह्मण, सत्यमित्रानंद सहमत नहीं

दो दिन पूर्व हरिद्वार में स्वामी गोविंद गिरि द्वारा साईं बाबा के संबंध में दिए वक्तव्य से भारत माता मंदिर और समन्वय सेवा ट्रस्ट सहमत नहीं हैं। दोनों के परमाध्यक्ष स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि ने स्वयं को गोविंद गिरि के बयान से अलग कर लिया है।

दो दिन पूर्व भारत माता मंदिर के कार्यकारी अध्यक्ष स्वामी गोविंद गिरि ने बयान देकर साईं बाबा को मुसलिम नहीं, ब्राह्मण घोषित किया था। उनके इस बयान को जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के विरुद्ध दिया गया बयान माना।

रविवार को भारत माता मंदिर की ओर से जारी प्रेस बयान में कहा गया कि स्वामी गोविंद गिरि वेदव्यास प्रतिष्ठान पुणे के अध्यक्ष और आचार्य हैं। उनका बयान उनका अपना निजी मत है। भारत माता मंदिर के संस्थापक स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि ने इस विषय में अपना कोई विचार व्यक्त नहीं किया है।

स्वामी सत्यमित्रानंद अध्यात्मिक साधना में लीन हैं। गोविंद देव गिरि के बयान को भारत माता मंदिर ने प्रसारित भी नहीं किया है। स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जैसे प्रमुख संत द्वारा गोविंद गिरि के बयान से किनारा कर लेने पर गोविंद गिरि हरिद्वार में अलग-थलग पड़ सकते हैं।
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