हरिद्वार कुंभ क्षेत्र को पुलिस कमिश्नरी बनाने का विरोध शुरू हो गया है। आईएएस लॉबी में इस मुद्दे पर गहरी नाराजगी उभरकर आई है।
उधर, आईपीएस अफसर इस मुद्दे पर खामोश है क्योंकि आधे से ज्यादा पुलिस अफसर भी इस कन्सेप्ट के खिलाफ है।
कैबिनेट की बैठक में उठा था मामला
तीन दिन पहले कैबिनेट की बैठक में पुलिस कमिश्नरी को लेकर चर्चा हुई लेकिन फैसला नहीं हो सका। मगर आईएएस अफसरों में इस बात को लेकर काफी रोष है। उनका कहना है कि ऐसा कोई शहर उत्तराखंड में है ही नहीं जहां पर पुलिस आयुक्त तैनात किया जा सके।
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कुछ आईएएस अफसरों ने एसोसिएशन के सचिव उमाकांत पंवार से इस मामले पर विरोध भी जताया। पंवार ने जल्द एसोसिएशन की बैठक बुलाने की बात कही है। तकनीकी कारणों से भी कुंभ पुलिस कमिश्नरी का कोई औचित्य नहीं है।
इस बार नहीं चूकना चाहते आईएएस
पुलिस एक्ट में संशोधन करके जब जिलाधिकारियों के अधिकारों में कटौती की गई तब तो आईएएस लॉबी चुप रही लेकिन इस बार खास तौर पर यूथ आईएएस इस मामले को लेकर गुस्से में है। उधर, आईपीएस लॉबी ने इस मुद्दे पर चुप्पी साध ली है।
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आईपीएस एसोसिएशन ने वैसे तो इस प्रकरण में कुछ भी कहने से इंकार किया लेकिन आईपीएस अफसरों का इस मामले में आक्रामक नहीं होने के पीछे कई कारण है।
युवा आईपीएस भी नहीं चाहते
खासतौर पर यूथ आईपीएस पुलिस कमिश्नरी सिस्टम के हक में नहीं है। इससे आईएएस लॉबी को और ज्यादा मजबूती मिल रही है।
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पुलिस अधीक्षक स्तर के यूथ आईपीएस सालों से बगैर जिलो के पीएचक्यू या अन्य दफ्तरों में बाबूगिरी कर रहे हैं और, एक दो वरिष्ठ आईपीएस उन जिलों को भी कमिश्नरी बनवाकर खुद कमिश्नर बनना चाहते है। इसलिए यह मुद्दा आजकल काफी गर्म हो गया है।