जल प्रलय के बाद आपदाग्रस्त क्षेत्रों में भेजी जा रही राहत खाद्य सामग्री खराब हो रही है। खाने की चीजों के बासी हो जाने से ये संक्रमित हो गई हैं। इससे बैक्टीरियल संक्रमण हो रहा है।
कुछ सामान में फफूंदी लग गई है। संक्रमित सामग्री के इस्तेमाल से उल्टी-दस्त, डायरिया हो रहा है। इससे फूड प्वायजनिंग होने का भी खतरा है। इस मामले में खाद्य सुरक्षा आयुक्त ने एलर्ट जारी किया है।
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आपदा ग्रस्त क्षेत्रों में भेजी जा रही राहत सामग्री में खाने का सामान भी शामिल है। कई जगहों पर रास्ता बाधित होने की वजह से राहत सामग्री पहुंचने में देर हो जा रही है। बहुत से स्थानों पर सामग्री पहुंच तो जा रही है लेकिन इसके वितरण में देरी हो रही है।
ट्रक राहत सामग्री लिए कई दिनों तक ऐसे ही खुले में खड़ा रहता है। बारिश से खाने के सामान में नमी पहुंचा करती है। ऐसे में खाने का सामान बासी होने के साथ संक्रमित भी हो जाता है।
बीमार पड़ने की शिकायत
बासी और फफूंदी लगे सामान को खाने से लोगों का पेट खराब हो रहा है। लोगों के बीमार पड़ने की शिकायत पर प्रमुख सचिव और खाद्य सुरक्षा आयुक्त एस रामास्वामी ने एलर्ट जारी किया है। इस संबंध में देहरादून, रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ और पौड़ी के जिलाधिकारियों को पत्र भेजा गया है।
इसके साथ 10 बिंदु की एडवाइजरी भी भेजी गई है। इन बिंदुओं को आपदा प्रभावित क्षेत्रों में प्रचारित करने के लिए कहा गया है।
ध्यान रखें
.ब्रेड, केक, बिस्कुट, पैकेट बंद दूध, दूध से तैयार उत्पाद के इस्तेमाल के पहले तैयार होने की तिथि देख लें
.बासी और फफूंदी लगे सामान का प्रयोग न करें
.जूस, फ्रूट, स्लाइस, दूध, शीतल पेय के पैकेट का आकार सामान्य से अधिक हो तो इस्तेमाल न करें
.पैकेट बंद खाद्य पदार्थो के पैकेट पर मियाद देखें
.पानी की बोतल, शीतल पेय की सील अवश्य देखें
.फल, सब्जियों को अच्छी तरह धोकर इस्तेमाल करें
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