आर्मी कैडेट कॉलेज (एसीसी) से 29 कैडेट शुक्रवार को पास आउट हुए। एसीसी के 100 वें बैच के ये कैडेट्स सेना में बतौर जवान भर्ती हुए थे। आईएमए के कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल मानवेंद्र सिंह ने इनको ग्रेजुएशन की डिग्री देकर सम्मानित किया।
भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) देहरादून के एसीसी से पास आउट होने वाले 29 कैडेट्स में से रीवा (मध्य प्रदेश) के प्रद्युम्न कुमार तिवारी ने टॉप किया। कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल मानवेंद्र सिंह ने कोर्स में अकादमिक, खेल, कैंपस, अनुशासन और अन्य गतिविधियों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वालों को चीफ आफ आर्मी स्टाफ तथा कमाडेंट मेडल से सम्मानित किया।
कैडेट्स को जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय से कला और साइंस की ग्रेजुएशन की डिग्री प्रदान की जाती है। कैडेट्स को संबोधित करते हुए कमांडेंट ने कहा कि पर्सनल बिलो आफिसर्स रैंक (पीबीओआर) पर भर्ती हुए सेना के तीनों अंगों थल, वायु व नौसेना के सैनिक अंतर सर्विस चयन प्रक्रिया और स्टाफ सलेक्शन बोर्ड के बाद एसीसी में पहुंचते हैं।
उन्होंने कहा कि अपने हौसले और जज्बे के बूते एसीसी कैडेट ने सफलता हासिल की है जो सर्विसेज में कुछ ही कर पाते हैं। इससे पूर्व एसीसी के अकादमिक विभाग के प्रमुख ब्रिगेडियर जीके चोपड़ा ने कॉलेज की रिपोर्ट प्रस्तुत की। गौरतलब है कि एसीसी से तीन वर्ष की शैक्षणिक ट्रेनिंग के बाद अब ये कैडेट आईएमए में एक साल की प्री-कमीशन मिलिट्री ट्रेनिंग लेंगे।
सीओएएस गोल्ड मेडल मिला प्रद्युम्न को
आर्मी कैडेट कालेज (एसीसी) के 100 वें बैच में कैडेट प्रद्युम्न कुमार तिवारी ने टॉप किया है। सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए मध्य प्रदेश रीवा के कैडेट प्रद्युमन को चीफ आफ आर्मी स्टाफ गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया। बीएससी से पास आउट हुए 14 कैडेट में हिमाचल प्रदेश ठियोग के संजय कुमार ने टॉप कर सिल्वर मेडल हासिल किया जबकि राजस्थान के रामसुख दुखिया को सीओएएस ब्रांज मेडल मिला।
उत्तराखंड के दो कैडेट
एसीसी से पास आउट बैच में इस बार उत्तराखंड के दो कैडेट पास आउट हुए हैं। कला में पौड़ी से संजय गोसाईं और साइंस में नैनीताल से विक्रम थापा ने स्नातक की डिग्री हासिल की।