जिला कारागार में बुधवार शाम को एक बार फिर महिला बंदी ने डाई पी ली। इससे उसकी हालत बिगड़ने लगी। मुंह से झाग होने से जेल प्रशासन के होश उड़ गए। आनन-फानन में महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज के बाद महिला की हालत में सुधार है। जिला प्रशासन का कहना है कि एक दिन पहले महिला से मिलने उसकी ननद आई थी। दोनों में काफी झगड़ा हुआ, उसके बाद महिला ने कदम उठाया है।
भरथना थाना क्षेत्र के कस्बा के मोहल्ला शुक्लागंज में रहने वाली बेबी पत्नी शिवशंकर को दहेज हत्या के मामले में चार जून को जेल भेजा गया था। उस पर आरोप है कि उसने अपने बेटे आकाश व पति शिव शंकर के साथ मिलकर बहू अंजनी की जलाकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने तीनों आरोपियाें को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। तभी से वह जेल में बंद है। बुधवार को बेबी से मिलने के लिए उनकी ननद आई थी। उसका ननद से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। तब से वह परेशान थी। शाम के समय उसने डाई का सेवन कर लिया। हालत बिगड़ने पर उसे उपचार के लिए जेल अस्पताल में भर्ती कराया गया। जेल में डाई पीने की यह दूसरी घटना है।
इससे पहले दो बंदियों ने डाई का सेवन कर लिया था दोनों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उक्त दोनों बंदियों ने बताया था कि जेल में स्थित कैंटीन से हर चीज उपलब्ध हो जाती है। उन्होंने कैंटीन से डाई खरीद कर पी थी। उन बंदियों ने डिप्टी जेलर पर उत्पीड़न का आरोप लगाया था। डाई पीने से भर्ती महिला बंदी बेबी ने बताया कि उसकी बहू के मायके वालों ने उन लोगों के खिलाफ झूठा मामला दर्ज कराया है। इसके अलावा वह उसके नाती को साथ ले गए। इससे वह काफी परेशान है। इसी परेशानी के कारण उसने डाई का सेवन किया।
डाई कहां से मिली इसके बारे में उसने कुछ नहीं बताया। वहीं, जेलर मुकेश कटियार ने बताया कि बेबी से बुधवार को मिलने के लिए ननद आई थी। मिलाई होने के बाद बेबी काफी समय तक रोती रही। अन्य लोगों ने पूछा लेकिन उसने कुछ नहीं बताया। बाद में उसकी तबीयत खराब होने पर जिला अस्पताल भेजा गया है। जिला अस्पताल में उसका उपचार चल रहा है। उन्हाेंने बताया कि महिला ने क्या खाया इसकी उन्हें जानकारी नहीं। जेल में डाई मिलने की बात पर कहा कि डाई का इस्तेमाल बालों को रंगने के लिए होता है। अब उसका गलत इस्तेमाल किया जाने लगा है। इसलिए इसको प्रतिबंधित कर दिया जाएगा।