पूजा तिवारी की मौत को पुलिस और परिवार के लोग आत्महत्या बता रहे हैं, लेकिन हादसे के दौरान इंस्पेक्टर अमित कुमार की मौजूदगी कई सवाल खड़े कर रही है।
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आरटीआई कार्यकर्ता वरुण श्योकंद ने बताया कि वह सोमवार शाम करीब चार बजे जब पूजा तिवारी के परिजनों से मिले थे, तब पूजा की मां और पिता ने इंस्पेक्टर अमित पर गंभीर आरोप लगाए थे।
कहा था कि अमित ने ही उनकी बेटी को बिगाड़ा है। उसकी दोस्ती के कारण ही पूजा को सिगरेट और शराब की आदत पड़ी। अमित के कारण वह कई दिनों तक अपनी बेटी से बात नहीं कर पाते थे।
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एक घंटे बाद ही परिवार ने बयान बदल दिए
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
श्योकंद ने बताया कि शाम को पूजा के परिवार और अमित को आमने-सामने बिठाकर सेक्टर-46 चौकी में पुलिस ने बातचीत कराई थी।
इसके बाद परिवार के सदस्यों को बयान देने के लिए रात 9:30 बजे सूरजकुंड थाने में बुलाया गया था, जहां एक कमरे में एसएचओ इंस्पेक्टर अमित और सिर्फ परिवार के लोग ही मौजूद थे।
करीब एक घंटे बाद परिवार के लोग बाहर आए और बयान बदल दिए। पूजा की मौत को आत्महत्या बताते हुए परिजनों ने आईएमए पूर्व अध्यक्ष सहित तीन लोगों को जिम्मेदार बताया।
सोमवार को पूजा तिवारी की मौत के बाद सेक्टर-46 स्थित अपार्टमेंट में एफएसएल की टीम जांच करने पहुंची थी। टीम के एक अधिकारी ने बताया कि उस समय शव हादसे की जगह पर नहीं था, लेकिन खून बिल्कुल बालकनी के नीचे पड़ा हुआ था, जबकि बालकनी से छलांग लगाने पर डेढ़ से दो फीट की दूरी होनी चाहिए थी।
पूर्व एसीपी के मुताबिक सीन ऑफ क्राइम के फोटो देखने से पता चलता है कि पूजा जब बालकनी से कूदी, तो वह बालकनी के बिल्कुल नीचे गिरी थी, लेकिन हमेशा संभावना यह रहती है कि कूदने वाला व्यक्ति दो से तीन फीट आगे की तरफ गिरता है।
इस हादसे में ऐसा नहीं हुआ है। मुझे नहीं लगता कि वह खुद कूदी है।