उन्नाव। बरेली के डोहरा में प्रापर्टी डीलर के घर विस्फोटक रखने की घटना ने बुधवार को स्वास्थ्य विभाग में खलबली मचा दी। डोहरा में चल रहीजांच में जिले में तैनात डा. राजेश के भी शामिल होने का शक जताया गया है।
ऐसे में स्वास्थ्य अधिकारी बुधवार को एक दूसरे से जानकारी जुटाते रहे। अधिकारियों के अनुसार जिले में डा. राजेश नाम के चार व्यक्ति हैं। इनमें एक सरोसी विकासखंड में तैनात हैं। बुधवार को स्वास्थ्य अधिकारियों ने उनसे संपर्क करने की कोशिश भी की लेकिन नंबर बंद मिला।
बरेली के डोहरा में एक प्रापर्टी डीलर के घर में कुछ लोगों ने विस्फोटक पदार्थ छिपाकर आतंकी साजिश साबित करने का प्रयास किया था। घटना की जांच करते हुए पुलिस ने बरेली के एक आईटीबीपी जवान को गिरफ्तार किया था।
आईटीबीपी जवान ने पूछताछ में उन्नाव जिले में तैनात डाक्टर राजेश के भी घटना में शामिल होने की पुष्टि की थी। इस संबंध में अखबार में खबर प्रकाशित होने के बाद बुधवार को स्वास्थ्य अधिकारी एक दूसरे से डा. राजेश के विषय में सूचनाएं जुटाते रहे। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार जिले में डा. राजेश नाम के चार व्यक्ति अलग अलग विकासखंडों में तैनात हैं।
नवाबगंज, सफीपुर में तैनात डा. राजेश से तो स्वास्थ्य अधिकारियों से संपर्क हो गया लेकिन सरोसी विकासखंड में तैनात डा. राजेश से किसी का संपर्क नहीं हो सका। सीएमओ डा. राजेंद्र कुमार का कहना है कि अभी तक उनसे किसी ने जानकारी के लिए संपर्क नहीं किया है। अगर पुलिस उनसे कोई सूचना मांगेगी तो वह उसे उपलब्ध कराएंगे।