देवराड़ा गांव में बहू के बाद ससुर द्वारा आत्महत्या करने के मामले में राजस्व पुलिस ने मृतक केदार सिंह की जेब से मिले सुसाइड नोट के आधार पर जांच शुरू कर दी है। 65 साल के केदार सिंह ने रविवार को गांव से कुछ ही दूरी पर पेड़ से लटककर जान दे दी थी।
मरने से पहले केदार सिंह ने दो लेटर लिखे। एक लेटर उन्होंने घर पर छोड़ा था जबकि एक जेब से बरामद हुआ है। जेब से बरामद हुए सुसाइड नोट पर उन्होंने कुछ लोगों पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है
राजस्व उपनिरीक्षक चंद्र सिंह बुटोला ने बताया कि रविवार को देवराड़ा गांव से केदार सिंह द्वारा आत्महत्या की सूचना मिली थी।
बुटोला के मुताबिक पूछताछ के दौरान मृतक केदार सिंह के परिजनों ने बताया कि 21 जनवरी को केदार सिंह यह कहकर घर से निकले थे कि वह गांव के पठालखाणी तोक जा रहा है। शाम तक जब वह घर नहीं लौटे तो परिजनों ने खोजबीन शुरू कर दी। घर में परिजनों को एक कागज मिला, जिसमें केदार सिंह ने लिखा कि ‘मैं पठालखाणी जा रहा हूं और जब तक तुम मुझे ढूंढोगे तब तक मैं नहीं रहूंगा’।
इस पत्र को पढ़कर परिजन पठालखाणी तोक के लिए रवाना हो गए। घटनास्थल पता करने के लिए वह बार-बार मोबाइल पर घंटी बजाते रहे। थोड़ा सा आगे जाकर उन्हें केदार सिंह के मोबाइल की घंटी सुनाई दी। जब वह पास पहुंचे तो केदार सिंह का शव पेड़ की टहनी पर रस्सी से लटका हुआ देखा गया।
उपनिरीक्षक बुटोला ने बताया कि 22 जनवरी को जब केदार सिंह का शव बरामद किया तो उनके जेब से एक कागज का टुकड़ा मिला। उसमें लिखा था कि कुछ लोग लगातार परेशान कर रहे हैं। इसलिए वह जान दे रहा है। इससे पूर्व बहु शकुंतला देवी (35) ने भी पेड़ पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
शकुंतला के भाई रमेश ने 20 जनवरी को राजस्व पुलिस में ससुरालियों के खिलाफ उत्पीड़न और हत्या की आशंका का मामला दर्ज करवाया था। एक ही परिवार में ससुर और बहु द्वारा आत्महत्या के मामले की जांच राजस्व पुलिस के लिए टेढ़ी खीर साबित हो गई है। हालांकि चंद्र सिंह बुटोला ने कहा कि पीएम रिपोर्ट और सुुसाइड नोट का अध्ययन करने के बाद मौत के कारणों का खुलासा कर दिया जाएगा।